
jodhpur nandri sewerage treatment plant
पत्रिका लाइव
जोधपुर/मंडोर.
लगभग 60 हजार की आबादी वाला बड़ा उपनगर नांदड़ी भी आज सिवरेज जैसी मूलभूत सुविधाआें से वंचित है। जबकि खुद नांदड़ी में जोधपुर शहर का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है। नांदड़ी में अधिकतर सडक़ें क‘ची ग्रेवल हैं। मंडोर बनाड़ पत्रिका टीम ने इलाके का जायजा लिया तो यह स्थिति सामने आई। इलाके के लोगों ने बताया कि यहां इस कुछ सडक़ें पक्की हैं और वो भी टूट चुकी हैं। इसका कारण यह है कि सिवरेज नहीं होने की वजह से घरों का पानी सडक़ों या पड़ोस के खाली प्लाट में छोड़ा जाता है। नांदड़ी की मुख्य सडक़ नांदड़ी रोड दो बार बन चुकी है और दोनों ही बार 2-& महीने में अपना अस्तित्व खो चुकी है। इसकी वजह यह है कि डामर और पानी में बैर है और सिवरेज न होने के कारण घरों से निकला पानी सडक़ तोड़ देता है। हालत यह है कि कुछ लोग भाग्यशाली हैं, जिनके नजदीक खाली प्लॉट हैं और वो अपने घर का नहाने, धोने और किचन का पानी पड़ोस के प्लाट में छोड़ देते हैं। किसी के घर के आगे खाली प्लॉट ना हो तो पीछे दीवार फोड़ कर नाली निकाल देते हैं। इस हालत में कई बार पड़ोसियों में लड़ाई-झगड़े और थाना कचहरी की नौबत आ जाती है। नांदड़ी के लोगों का कहना है कि सडक़ से पहले सीवरेज बननी चाहिए, इससे राष्ट्रीय क्षति नहीं होगी, वरना एक बार सडक़ सिवरेज बनाने में टूटेगी, इसके बजाय सिवरेज बना कर ही सडक़ बनाई जाए।
बजट नहीं, फैल रहे रोग
प्रशासनिक तर्क यह है कि ग्राम पंचायत का बजट इतना है नही और जेडीए के पास भी बजट नहीं है। सिवरेज न होने की वजह से सडक़ों पर फैलता कीचड़ आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है, जिससे हैजा, पीलिया, मलेरिया, पेचिश और म‘छरजनित कई रोग फैल रहे हैं।
- दिनेशसिंह शेखावत, क्षेत्रवासी
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आश्वासन भी नहीं मिला
इस समस्या का समाधान करवाने के लिए जेडीए अध्यक्ष से लेकर सरपंच तक से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन क्षेत्र बड़ा होने व बजट राशि अधिक होने की वजह से कहीं से भी आश्वासन नहीं मिला। सिवरेज समस्या का समाधान हो जाए तो उपनगर की गंदगी मिट जाए और बीमारियों से मुक्ति मिल जाए।
- श्यामलाल गौड़, क्षेत्रवासी
Published on:
24 Jun 2018 07:18 pm
