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दुनिया के फुटबॉल मैदानों में गूंजती है जोधपुर की सीटी

जर्मनी सहित विश्व फुटबॉल से जुड़े अन्य यूरोपीय देशों में बढ़ी है मांग पिछले साल रूस में हुए फीफा वल्र्ड कप में भी गूंजी जोधपुर की सीटी जोधपुर से यूरोप भेजी जा रही सीटियां
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जोधपुर

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Amit Dave

Jan 27, 2019

jodhpur

दुनिया के फुटबॉल मैदानों में गूंजती है जोधपुर की सीटी

जोधपुर।

चार बार फ ीफ ा विश्व कप जीत चुके जर्मनी में तमाम फुटबॉल मैदानों में इस समय जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट दस्तकारों द्वारा बनाई गई सीटी गूंज रही है। जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट आर्टिजनों द्वारा बनाई गई होर्न व बोन से बनी विभिन्न वस्तुओं में से सीटी की विश्व बाजार में भारी मांग है। जर्मनी सहित विश्व फुटबॉल से जुड़े अन्य यूरोपीय देशों में जोधपुरी सीटी की मांग बढ़ी है। जून 2018 में रूस में हुए फीफा वल्र्ड कप में भी जोधपुरी दस्तकारों द्वारा बनाई सीटी का उपयोग किया गया था। 15 हजार सीटियों का ऑर्डर मिलादमदार आवाज और बेमिसाल मजबूती के कारण फ ुटबॉल के मैदान में रेफ री से लेकर पालतू जानवरों के ट्रेनर तक सभी ने पसंद किया है। हाल ही में जर्मनी से सीटी का ऑर्डर जोधपुर की तीन हैण्डीक्राफ्ट कंपनियों को करीब 15 हजार सीटियों का ऑर्डर मिला है, जिन्होंने इसे बनाने का जिम्मा यहां के कारीगरों को सौंपा है। जोधपुर के जरिए जर्मनी और अन्य यूरोपीय देशों खासकर फ ुटबॉल खेलने वाले देशों को भेजी जा रही है।

कई डिजाइन में बनती है

सबसे बड़ी सीटी 85 एमएम यानी 8.5 सेंटीमीटर की है जबकि 65 एमएम यानी 6.5 सेमी की सीटी सबसे छोटी होती है। दोनों सीटी के रेट भी अलग अलग हैं। जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों के जरिए जर्मनी व अन्य देशों तक पहुंचते-पहुंचते इसके दाम ज्यादा हो जाते है।

इंफेक्शन फ्री बनाई जाती है सीटी

सीटी बनाने के लिए पहले होर्न को सुखाया जाता है फि र इसके अलग-अलग टुकड़े काटे जाते है। ठोस भाग अलग किया जाता है और खोखला अलग। ठोस भाग से एक से दो जबकि खोखले से तीन से पांच सीटी तैयार होती हैं। होर्न को रासायनिक क्रियाओं के बाद ऐसा बनाया जाता है कि मुंह में कोई इंफेक्शन न हो। छोटे टुकड़े कर इसे खराद मशीन पर डिजाइन दिया जाता है। डिजाइनिंग के बाद इसे तराशने व सुराख बनाने का काम होता है। अंत में पॉलिश आदि का काम होता है। इसक टेस्टिंग सर्टिफि केट भी लिया जाता है। टेस्ट में पास होने पर ही इन्हें पैक कर निर्यात किया जाता है।

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फुटबॉल व बाकी व्हीसल गेम्स के लिए अधिकतर अच्छे रेफरीज होर्न व बोर्न से बनी सीटी की डिमांड करते है। जर्मनी की एक कंपनी ने अभी हमारे यहां बड़ा ऑर्डर दिया है। अब चुनिन्दा कारीगर ही इन सीटियों को बना रहे है।

डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

यूरोप, यूएस व यूके में होर्न व बोर्न सीटियों की मांग ज्यादा है। इसके अलावा गिफ्ट आयटम्स की घरेलू बाजार में भी अच्छी मांग है। यह आयटम टिकाउ भी है।

इस्माइल खान मेहर, निर्यातक

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