
Khandgrass eclipse will be seen in Jodhpur as well
जोधपुर. इस साल का भारत में दिखाई देने वाला पहला और अंतिम सूर्यग्रहण 26 दिसम्बर को उत्तर भारत सहित जोधपुर में भी नजर आएगा। यह ग्रहण दक्षिण भारत में 90 प्रतिशत ग्रसित होगा भारत के कई क्षेत्रों में खंडग्रास रूप में दृश्यमान होगा। बेंगलुरु, मदुराई आदि दक्षिण के क्षेत्रों में कंकणाकृति में रूप में नजर आएगा। पं. ओमदत्त शंकर ने बताया कि कुल दो घंटे 41 मिनट के इस ग्रहण का सूतक काल जोधपुर में 12 घंटे पूर्व 25 दिसम्बर को रात्रि 7.10 बजे से शुरू हो जाएगा।
ग्रहण के मोक्ष होने तक शहर के सभी मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। मंदिरों में 26 दिसम्बर को मंगला आरती भी प्रभावित होगी। खंडग्रास ग्रहण धनुराशि में होने से इस राशि के जातकों पर सर्वाधिक कष्टकारक रहेगा। इस समय धनु राशि पर छह ग्रही योग शनि, केतु, गुरु, सूर्य, चन्द्र और बुध विद्यमान है। शनि मूल नक्षत्र धनु राशि में दक्षिण पश्चिम कोण प्रभावित करने से भारी उलटफेर होगा। मूल नक्षत्र बृहस्पति का मूल त्रिकोना है। यह गहन नक्षत्र है जो आध्यात्मिकता परिर्वतन की शुरुआत करता है।
जोधपुर शहर में ग्रहण की अवधि
स्पर्श : सुबह 8.10 बजे
मध्य : 9.24 बजे
मोक्ष : 10.51बजे
ग्रहण का राशियों पर असर
मेष : मान नाश
वृष : कष्टकारी
मिथुन : स्त्री पीड़ा
कर्क : सुखकारी
सिंह: चिंताकारी
कन्या : व्याधिकारी
तुला : श्रीप्राप्ति
वृश्चिक : क्षति
धनु: घात
मकर : हानिकारक
कुंभ : लाभदायक
मीन : सुखदायक
Published on:
23 Nov 2019 11:35 am
