
पीपाड़सिटी क्षेत्र के किंग मेकर गांव अब खुद बने किंग!
पीपाड़सिटी (जोधपुर) . पंचायत समिति क्षेत्र के सात गांव अब ग्राम पंचायत मुख्यालय बनने से आगामी पंचायतराज चुनावों में रोचक मुकाबले की संभावना बन गई है।
पांच वर्ष पूर्व पीपाड़सिटी पंचायत समिति का नवसृजन किया गया था। इसमें भोपालगढ़ की पन्द्रह और बिलाड़ा की तेरह पंचायतों को शामिल किया गया। इस दौरान सियारा ग्राम पंचायत का सृजन भी किया।
अब हुए परिसीमन में जवासिया, सोवणिया, खारिया अनावास, जसपाली, बेनण,कागल व शेखनगर पंचायतों का गठन किया गया है। अब तक ये गांव अपनी पुरानी पंचायतों में सरपंच चुनावों में किंग मेकर की भूमिका में थे, लेकिन अब ये खुद किंग बन गए हैं। वहीं पंचायत समिति क्षेत्र में अब पैंतीस ग्राम पंचायतें हो गई हैं।
अब दिग्गजों की अग्नि परीक्षा
पांच वर्ष पहले पीपाड़सिटी पंचायत समिति गठन के समय क्षेत्र की राजनीति के दिग्गजों के गांवों को बिलाड़ा और भोपालगढ़ से पीपाड़सिटी में भेज दिया था। इसमें राज्यसभा सदस्य रामनारायण डूडी और तत्कालीन राज्य मंत्री कमसा मेघवाल का रतकुडिय़ा गांव, पूर्व मंत्री रामसिंह बिश्नोई, लूणी विधायक महेंद्र बिश्नोई का गांव तिलवासनी के साथ सांसद डूडी का ससुराल व भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी बीएल सोनी का खारिया खंगार गांव शामिल है।
बदली राजनीतिक परिस्थिति के चलते इन गांवों को वापस नहीं कराया जा सका। इनको अपनी पुरानी पंचायत समितियों में वापस भेजने के प्रस्ताव को सरकार ने स्वीकार नहीं कर पीपाड़सिटी पंचायत समिति क्षेत्र में यथावत रख दिया है। ऐसे में आगामी प्रधान के चुनाव में रोचक मुकाबले की उम्मीद बढ़ गई है।
इन्होंने कहा
राज्य सरकार ने छोटे गांवो को विकास से जोडऩे के लिए जनभावनाओं के अनुसार बिलाड़ा विधानसभा क्षेत्र में दस पंचायतों का नवसृजन किया है।
-हीराराम मेघवाल, विधायक बिलाड़ा
Updated on:
22 Nov 2019 04:15 pm
Published on:
22 Nov 2019 04:14 pm
