
कल से सजेगा बच्चों के सपनों का अनूठा संसार, किताबो-ब्लूसिटी चिल्ड्रन लिटरेचर फेस्टिवल में होंगे 200 सेशन्स
जोधपुर. कहीं होंगे फन इवेंट तो सजेगा ख्वाबों के कैनवास पर धरातल का संसार, विशेषज्ञों से मिलेगा अनुभव तो दिखेगा प्रतिभाओं का दमखम। कुछ ऐसा ही होगा विद्याश्रम इंटरनेशनल स्कूल में मंगलवार से शुरु हो रहे तीन दिवसीय किताबो-द ब्लू सिटी चिल्ड्रन्स लिटरेचर फेस्टिवल में। 19 दिसंबर तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 200 से अधिक सेशन होंगे। इस वर्ष यह किताबो का चौथा संस्करण है। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को स्कूली पढ़ाई के साथ रचनात्मकता की सीख देना है। कार्यक्रम को लेकर स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वच्छ भारत, हरित भारत की थीम पर 40 फीट की दीवार पर पेंटिंग भी की।
मिनिट मोल्ड थिंकिंग पॉड
इसमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की प्रमिला चौधरी तीन कहानियों, जादूगर, हाथी दादा व रात को सपने, को ऑडियो स्टोरीज़ की तरह पेश करेंगी। एक छोटे कमरे में गारमेंट वेस्ट की सहायता से कहानी का परिदृश्य बनाकर ऑडियो स्टोरी सुनाई जाएगी।
यूरोपियन आर्ट ऑफ पेपर थियेटर
इससे प्रेरित एक इंस्टॉलेशन अश्मि मृदुल की ओर से किया जा रहा है। इसमें अश्मि पंचतंत्र की प्रसिद्ध कहानी रंगा सियार को दर्शाएंगी। दर्शकों के लिए एक जगह को जंगल की तरह डिजाइन किया गया है, जिसमें कई सारे फ्रेम्स होंगे।
ऑब्जेक्ट्स ऑफ पोटेंशियल
रोजमर्रा की चीजों से ऑडियंस को कुछ बनाने को कहा जाएगा, जो किसी कहावत, प्रसिद्ध साहित्य के अंश आदि को प्रदर्शित करेगा। इसके अलावा विजन फाउंडेशन की ओर से सेव वाटर, सेव अर्थ की थीम पर लोगों को जागरुक किया जाएगा।
किताबो रिसोर्स ट्री
इसमें बच्चों को रोचक तरीके से एक वृक्ष के माध्यम से पसंदीदा किताबों एवं लेखकों की जानकारी दी जाएगी। इस आकर्षक ट्री में पत्तियों की जगह पुस्तकों एवं लेखकों की जानकारियां होंगी। इसके अलावा मिरर इवोल्यूशन ऑफ बुक्स के माध्यम से पुस्तकों के उद्भव से लेकर आज तक की ई बुक्स को आईनों के माध्यम से बताया जाएगा।
डायरेक्टर के साथ दिखाएंगे फिल्म
केरल मूल की प्रिया थुवासेरी की डायरेक्ट की गई फिल्म कोरल वूमन का प्रदर्शन भी किया जाएगा। फिल्म एक स्कूबा डाइवर उमा की कहानी पर आधारित है जो समुद्र के भीतर की दुनिया के प्रति आकर्षित हैं। उमा ने उम्र के पांचवें दशक में तैराकी सीखी है। इस फिल्म को थुवासेरी की मौजूदगी में बच्चों को दिखाया जाएगा।
बच्चों को है लिखने का शौक तो पत्रिका देगा मंच
9 से 14 वर्ष के बच्चे, जिन्हें कहानी व कविता लेखन का शौक है, उन्हें राजस्थान पत्रिका की ओर से लेखन का मंच उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस आयु वर्ग के बच्चे गणतंत्र दिवस से संबंधित लघु कथा (500 शब्दों) और कविताएं 17 दिसम्बर को दोपहर 3 बजे तक राजस्थान पत्रिका कार्यालय, मानजी का हत्था, पावटा में जमा करा सकते हैं या फिर मेल भी किया जा सकता है। इन दोनों श्रेणियों के विजेता छात्र-छात्राओं को विद्याश्रम इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित होने वाले ब्लू सिटी चिल्ड्रन लिटरेचर फेस्टिवल (किताबो) में 18 दिसम्बर को दोपहर दो बजे के विशेष सत्र में सम्मानित किया जाएगा। प्रथम, द्वितीय व तृतीय रचनाओं को राजस्थान पत्रिका की बालहंस मैगजीन में प्रकाशित भी किया जाएगा।
Updated on:
16 Dec 2019 09:10 pm
Published on:
16 Dec 2019 02:52 pm
