
जोधपुर शहर में बढ़ रहा है किचन गार्डनिंग का क्रेज
जोधपुर शहर में इन दिनों घरों की छतों पर बागवानी (किचन गार्डनिंग ) के प्रति क्रेज बढ़ता जा रहा है । लोग जैविक तरीके से छतों पर बागवानी कर ना केवल शुद्ध सब्जियां उगा रहे अपितु प्रकृति के करीब भी आने लगे हैं। छत पर बागवानी के लिए पूरी तरह से अनुभवी या दक्षता प्राप्त कृषक होना भी जरूरी नहीं केवल व्यवहारिक ज्ञान ही काफ़ी है। बागवानी विशेषज्ञ मंडोर निवासी ललित देवड़ा के अनुसार किचन गार्डनिंग करने के लिए मिट्टी को अच्छी तरह से तैयार करना जरूरी है । इस तरह की खेती में रासायनिक कीटनाशकों की जगह विभिन्न जैविक तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। छत पर खेती में पुराने व्यर्थ पड़े सिंक टब और बाल्टी का भी प्रयोग किया जाता है । कोई भी व्यक्ति उसके घर की छत पर थोड़ा सा स्थान है वहां पर बागवानी कर सकता है और स्वस्थ वर्धक सब्जियां उत्पादित कर प्रकृति की निकटता पाने का शौक भी पूरा कर सकता है।
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बचपन का शौक लॉकडाउन में पूरा
बचपन से मुझे बागवानी का शौक रहा है। इसलिए लॉकडाउन मे सोचा क्यूं न घर की छत पर ही किचन गार्डन बनाया जाए। तो बस घर की छत पर कुछ फ लों और सब्जियों के बीजारोपण कर किचेन गार्डन का शुभारंभ कर दिया । इन दिनों शिमला मिर्च, लौकी, तुरही, टिंडा, मिर्ची, पालक जैसी सब्जियां मिल रही है। किचन गार्डन में पानी देने के लिए बच्चों को जिम्मेदारी दी जा सकती हैं। घर के बुजुर्ग भी सहज भागीदारी निभा सकते हैं। किचन गार्डनिंग से फ्रेश और आर्गेनिक सब्जियां भी मिल जाती है।
-डॉ वीणा मूंदड़ा -निवासी पाल रोड
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छत पर ही तैयार किया किचन गार्डन
कोरोना लॉकडाउन में जब बाहर निकलना संभव नहीं था तब समय का सदुपयोग किया घर पर रहते हुए कुछ नया करने की इच्छा जगी इस शौक को पूरा करने के लिए हमने घर पर ही छत पर किचन गार्डन तैयार कर लिया जिसमें मेरे भाई पूरब के सहयोग से कुछ सब्जियां लगानी शुरू की और अब उसका फायदा मिलने लगा है।
-युवराज, निवासी भदवासिया
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विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी
शुद्ध सब्जियों के लिए मैंने अपने घर की छत पर देसी खाद से मौसमी सब्जियां उगाने का प्रयास किया जिसमें सफलता मिली और कुछ विशेषज्ञों से भी मार्गदर्शन लिया। खनिज तत्वों से भरपूर सब्जियां सेहत के लिए भी फायदेमंद है। मेरे पड़ोसी भी अब किचन गार्डन को अपनाकर आगे बढ़ा रहे हैं।
-सीमा परिहार, निवासी लाल सागर
Published on:
04 Jul 2020 10:13 pm
