
कुलधरा : मॉडल पालीवाल हाउस का इंटीरियर जरूरत से ज्यादा आधुनिक
जोधपुर.
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) ने जैसलमेर जिले (Jaisalmer district) में स्थित पालीवालों के प्राचीन गांव कुलधरा (Kuldhara, the ancient village of Paliwalas) मेंं पुनरुद्धार के नाम पर किए गए निर्माण या पुनर्निर्माण का पुरा महत्व के लिहाज से मूल्यांकन कर अपनी रिपोर्ट राजस्थान हाईकोर्ट (rajasthan highcourt) में पेश कर दी। संबंधित पक्षों को रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद अपना पक्ष रखने के निर्देश देते हुए कोर्ट ने सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और न्यायाधीश विनीतकुमार माथुर की खंडपीठ में सुनील पालीवाल की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान एएसआइ के अधिवक्ता ने रिपोर्ट पेश करने की जानकारी दी।
कोर्ट के निर्देश पर गठित कमेटी ने 26 अगस्त को कुलधरा का निरीक्षण किया था। संयुक्त महानिदेशक (स्मारक) एम.नम्बीराजन की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार करीब 400 खंडहरों में पांच का पूर्ण रूप से पुनरुद्धार किया गया, जिन्हें अब प्रशासनिक खंड, म्यूजियम शॉप, मॉडल पालीवाल हाउस, म्यूजियम एवं कैफेटेरिया बताया गया है।
कमेटी ने कहा कि मॉडल पालीवाल हाउस अच्छा विचार है और इससे आगुंतकों को पालीवालों की जीवनशैली का पता लगेगा, लेकिन इसके इंटीरियर में जरूरत से ज्यादा आधुनिकीकरण किया गया है।
कुलधरा को वर्ष 2008 में संरक्षित स्मारक घोषित किया गया था। वर्ष 2015 में जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन व राज्य सरकार के बीच कुलधरा के पुनरुद्धार योजना के लिए अनुबंध हुआ, जिसके तहत पर्यटन सुविधाएं, कैफे, लांज, लोकनृत्य प्रदर्शन स्थल, रात्रि विश्राम के लिए कॉटेज, म्यूजियम, प्रशासनिक खंड आदि प्रस्तावित किए गए थे। याची की ओर से अधिवक्ता मानस रणछोड़ खत्री ने पैरवी की।
कमेटी के निष्कर्ष
-एक खंडहर को रि-डिजाइन और पुनरुद्धार के बाद रेस्टोरेंट के लिए तैयार किया गया। इसमें वेज/नॉन वेज खंड है। नॉन वेज खंड कुलधरा गांव की मूल सभ्यता के प्रतिकूल है। इससे पालीवाल ब्राह्मणों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
-मुख्य साइट पर पांच गार्ड रूम बनाए गए हंै। मुख्य साइट पर इनकी आवश्यकता नहीं थी। इन्हें अन्यत्र स्थापित करने पर विचार किया जाए।
-मुख्य साइट स्थल व कुलधरा को आयोजनों के लिए किराये पर देने को अनुचित माना है।
-टॉयलेट, रेस्टोरेंट आदि बुनियादी सुविधाएं हैं, लेकिन इनका निर्माण कोर एरिया में करने से बचा जा सकता था।
Updated on:
04 Oct 2019 09:41 pm
Published on:
04 Oct 2019 09:41 pm
