पुलिस के लिए पहेली बनी श्रमिक परिवार की आत्महत्या

- कारणों का नहीं चल पाया पता
- भाई ने दर्ज कराया मर्ग

By: Jay Kumar

Updated: 28 Dec 2020, 08:10 PM IST

भोपालगढ़/जोधपुर. बासनी हरिसिंह गांव में एक चूना भट्टा के कारखाने में कार्यरत झारखंड निवासी श्रमिक दंपति के परिवार सहित आत्महत्या करने का मामला पुलिस के लिए पहेली बन गया है। आत्महत्या का पुख्ता कारण पता नहीं चल पाया है, लेकिन पारिवारिक कारण माने जा रहे हैं। एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

पुलिस के अनुसार बासनी हरिसिंह में चूना भट्टे के कारखाने का श्रमिक झारखण्ड निवासी मुकेश मरांडी (२८) पुत्र लोगन मरांडी पत्नी खुशबू (26) व अभिनाश (३) व 8 माह की पुत्री सोनाली और भाई चुडक़ा व रितलाल मरांडी आदि के साथ रहता था। शनिवार रात दस बजे खाना खाने के बाद मुकेश पत्नी व दोनों बच्चों के साथ कमरे में सोने गया।

रविवार को सुबह मुकेश काम पर नहीं पहुंचा तो भाई रितलाल व अन्य लोगों ने उसके कमरे पहुंचे। दरवाजा न खोलने पर पीछे की खिडक़ी तोडक़र अंदर घुसे, जहां मुकेश जमीन पर अचेत था। मुंह से झाग निकल रहे थे। पत्नी खुशबू पुत्र व पुत्री के साथ चारपाई पर अचेत थी। अभिनाश को छोड़ अन्य तीनों की मृत्यु हो चुकी थी।
एसडीएम सुखाराम पिंडेल, पुलिस उपाधीक्षक धर्मेन्द्र डूकिया व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। आस-पास के लोगों से मामले की जानकारी ली गई।

कारण खोजने में जुटी पुलिस
प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या का कोई पुख्ता कारण पता नहीं लग पाया है। पुलिस को अंदेशा है कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर उसने सामूहिक आत्महत्या की होगी। अन्य श्रमिकों से पूछताछ में मृतक दम्पति के बीच अनबन की बात भी सामने आई है। इससे मुकेश के परेशान रहने का पता लगा है।

जांच शुरु की गई है
मजदूर परिवार के आत्महत्या करने के मामला सामने आने की जांच शुरू की गई है। पोस्टमार्टम करवा शव परिजन को सौंपे गए हैं। हर पहलू से जांच की जा रही है। कमरा अंदर से बंद होने से हत्या जैसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।
- मगाराम, थाना प्रभारी, आसोप

Jay Kumar
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