प्रदेश के 5 हजार स्कूलों में कक्षा-कक्ष की कमी

संपूर्ण स्कूल खुले तो सोशल डिस्टेंस के साथ बच्चों को बैठाना होगा चुनौती

By: Jay Kumar

Published: 12 Jan 2021, 02:36 PM IST

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. राज्य सरकार १८ जनवरी से कक्षा ९ से १२वीं तक के स्कूलों का संचालन करने जा रही है, गनीमत हैं कि सरकार सभी कक्षाओं का संचालन नहीं कर रही। शिक्षा विभाग के प्रदेश में ५ हजार सरकारी स्कूल एेसे हैं, जहां कक्षा-कक्षों की कमी है। इन स्कूलों में दो-चार कमरों में ८वीं तक की कक्षाएं चल रही है। कई स्कूल भवन तो एक कक्ष में कक्षा पांच तक संचालित कर रहे है। इन हालातों में सरकारी स्कूल पूर्ण रूप से संचालित हो जाए तो शिक्षा विभाग के समक्ष सोशल डिस्टेंस रखने का बड़ा संकट सामने आएगा। विद्यार्थियों में कोरोना संक्रमण फैलने के अवसर बढ़ जाएंगे।

कक्षा कक्ष इतने छोटे की फर्नीचर रखने की जगह नहीं
प्रदेश में कई स्कूलों में सीमित कक्षा कक्ष हैं, इन सीमित कक्षा कक्षों का दायरा भी बेहद छोटा है। शिक्षकों के अनुसार यहां चाहकर भी विद्यार्थियों के लिए स्टूल-फर्नीचर के इंतजाम बेहतर नही हो सकते। क्योंकि इतने स्पेश में वे बच्चों को जमीन पर बैठाकर २-३ अतिरिक्त कक्षाएं संचालित कर सकते हैं।

जानिए कुछ जिलों की स्थिति
जिले का नाम- कक्षा कक्ष की कमी
उदयपुर- ४५०
बाड़मेर-४००
नागौर-३९२
अलवर-३००
जयपुर-२९०
जोधपुर-२७४
सीकर-१८०
बीकानेर-९०
( इन सभी जिलों सहित प्रदेश में करीब ५ हजार स्कूलों में कक्षा कक्ष की कमी चल रही है। )

इस स्टैण्डर्ड में इतनी कक्षा-कक्षों की कमी
७०० करीब प्राथमिक स्कूल
१५०० उच्च प्राथमिक स्कूल
६०० माध्यमिक स्कूल
२५०० उच्च माध्यमिक स्कूल

इनका कहना है...
कक्षा-कक्षों की कमी है। पूरी स्कूलें जब शुरू होंगी तब बरामदे, स्कूल में लगे छायादार वृक्ष सहित अन्य जगहों पर बच्चों को सोशल डिस्टेंस के साथ पढ़ाया जाएगा।
- प्रेमचंद सांखला, संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा, जोधपुर

Jay Kumar
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