
कोणार्क युद्ध स्मारक पर अंकित को अंतिम सलामी
जोधपुर. जोधपुर मिलिट्री स्टेशन के भीतर कोणार्क युद्ध स्मारक पर केप्टन अंकित गुप्ता के शव को अंतिम सलामी दी गई। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर १२.३० बजे अंकित का शव यहां लाया गया, जहां 10 पैरा के जवानों ने बंदूकें झुकाकर मातमी धुनें बजाई। इसके बाद आसमां में फायर किए गए।
कोणार्क कोर के कमाण्डर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी के शहर से बाहर होने की वजह से चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल ए. लुम्बा के नेतृत्व में सेना के जवानों ने अंकित को पुष्पचक्र अर्पित किए। इस दौरान १० पैरा के जवानों की आंखें नम हो गई।
सफेद हो गया था अंकित का शव
छह दिन तक पानी में रहने के कारण अंकित का शरीर सफेद हो चुका था। दाह संस्कार के समय उनके शव को देखकर परिजनों के आंसू आ गए। अंकित के सभी परिजन एक दूसरे को ढांढस बंधा रहे थे। अंकित को अंतिम विदाई देने के लिए उसके कुछ दोस्त व सेना के कोर्स मेट भी श्मशान स्थल पहुंचे। अंकित वर्तमान में १० पैरा की ऑफिसर्स मैस में रह रहे थे। उनकी पत्नी शादी के बाद करीब एक महीने पहले ही उनके साथ जोधपुर आई थी। मेहंदी का रंग छूटने से पहले ही अंकित का साथ छूट गया।
शरीर पर कोई चोट नहीं
तख्तसागर में डूबने के छठे दिन १२३ घंटे बाद मंगलवार अपराह्न ३.१५ बजे कैप्टन अंकित गुप्ता का शव बाहर निकाला गया था। उसके शरीर पर कोई बाहरी चोट का निशान नहीं मिला। हालांकि कैप्टन की डूबने से मृत्यु हुई है, लेकिन इसमें कोई अन्य कारणों का पता लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकीय बोर्ड ने मृत्यु का कोई कारण नहीं बताया। एफएसएल जांच के लिए विसरा प्रिजर्व किए गए हैं। इस जांच के बाद ही मृत्यु का स्पष्ट कारण पता लग सकेगा।
Published on:
14 Jan 2021 07:50 pm
