कांग्रेस से रूठी लक्ष्मी ने दिया पार्षद पद से इस्तीफा

निर्विरोध निर्वाचित कांग्रेस पार्षद लक्ष्मीदेवी कच्छवाह आहत होकर मंगलवार को जोधपुर में कांग्रेस की बाड़ाबंदी को तोड़ होटल से निकल गई और जिला निर्वाचन अधिकारी को पार्षद पद से इस्तीफा सौंप दिया।

By: pawan pareek

Published: 16 Dec 2020, 12:51 AM IST

पीपाड़सिटी (जोधपुर). मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दूसरे घर में सत्रह वर्ष बाद कांग्रेस के पालिका बोर्ड में बहुमत हासिल करने के बाद पालिकाध्यक्ष पद को लेकर मचे घमासान का लावा उस समय फूट गया, जब आलाकमान ने कांग्रेस से समुदेवी सांखला को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया।


पालिकाध्यक्ष पद के नामांकन के आखिर दिन भाजपा से पार्षद रुकमादेवी कच्छवाह ने रिटर्निंग अधिकारी शैतानसिंह राजपुरोहित के समक्ष अपना नामांकन पेश किया।

इस दौरान जिला प्रभारी कमलेश दवे, पूर्व पालिकाध्यक्ष महेंद्रसिंह कच्छवाह, पार्षद पीयूष शर्मा, जिला महामंत्री धनराज सोलंकी, नगर मंडल अध्यक्ष रामकिशोर भूतड़ा आदि की उपस्थिति में अध्यक्ष पद के लिए दावा पेश किया। रुकमादेवी देवी पहले भी पार्षद रह चुकी हैं।

इसके बाद विधायक हीराराम मेघवाल, पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़, ब्लॉक अध्यक्ष इस्माइल खान सिंधी, नगर अध्यक्ष अमराराम भाटी सहित पूर्व पार्षद मिसाराम के साथ कांग्रेस प्रत्याशी समुदेवी सांखला ने दोपहर दो बजे बाद रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष अपना दावा पेश किया। बीस दिसम्बर को होने वाले पालिकाध्यक्ष चुनाव के कांग्रेस भाजपा में सीधा मुकाबला होगा।

लक्ष्मी ने कलक्टर को सौंपा इस्तीफा

वार्ड संख्या 23 से निर्विरोध निर्वाचित कांग्रेस पार्षद लक्ष्मीदेवी कच्छवाह आहत होकर मंगलवार को जोधपुर में कांग्रेस की बाड़ाबंदी को तोड़ होटल से निकल गई और जिला निर्वाचन अधिकारी को पार्षद पद से इस्तीफा सौंप दिया। पार्षद लक्ष्मी कच्छवाह एमए राजनीतिक शास्त्र होने के साथ पालिका में वर्ष 1995 व 2005 में कांग्रेस से पार्षद रहने के साथ उन्हें भाजपा के विरुद्ध अध्यक्ष पद का प्रत्याशी भी घोषित किया था।

इसके साथ नेता प्रतिपक्ष के रूप में कई बार तत्कालीन भाजपा बोर्ड को सदन में घेरने के साथ अपनी तेज तर्रार छवि और वाक्पटुता के कारण लोकप्रिय भी रही हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे में जिला स्तर के कांग्रेस नेताओं की भूमिका पर कड़ा एतराज जताया।

प्रदेश पर्यवेक्षक ने लिया फीडबैक

पालिका चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद सोमवार को नौ पार्षदों की ओर से अध्यक्ष पद के आवेदन लेने से मचे घमासान को देखते हुए, आलाकमान ने जयपुर से प्रदेश पर्यवेक्षक संजय बाफना को जोधपुर भेजा। उन्होंने पूर्व सांसद जाखड़ के होटल में ठहराए गए पार्षदों से मुलाकात कर अलग-अलग राय लेने के बाद कांग्रेस पार्षद समुदेवी सांखला को अध्यक्ष प्रत्याशी घोषित किया।

विधायक हीराराम मेघवाल, पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़, जिला पर्यवेक्षक शिवकरण सैनी सहित अन्यों ने दावेदार पार्षदों को समझाने में तो सफलता प्राप्त कर ली लेकिन लक्ष्मीदेवी ने फैसले में पक्षपात का आरोप लगाते हुए वहां से निकल जोधपुर कलक्ट्रेट पहुंच कर जिला निर्वाचन अधिकारी को पार्षद पद से इस्तीफा सौंप दिया। उनके इस्तीफा देने से पालिका बोर्ड में कांग्रेस पार्षदों की संख्या 21 से घट कर 20 रह गई है।

भाजपा रणनीति में जुटी
कांग्रेस में घमासान से फूटे लावे को देखते हुए भाजपा ने पालिकाध्यक्षपद पर सीधे मुकाबले को देखते हुए नई रणनीति पर मंथन करना शुरु कर दिया। पूर्व मंत्री अर्जुनलाल गर्ग, जिला प्रभारी कमलेश दवे, पूर्व पालिकाध्यक्ष महेंद्रसिंह कच्छवाह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को आपसी विचार विमर्श कर रणनीति बनानी शुरू कर दी।

इन्होंने कहा

मुख्यमंत्री की सहमति से पालिकाध्यक्ष पद प्रत्याशी समुदेवी को घोषित किया हैं। कांग्रेस पार्षद पूरी तरह से एकजुट हैं, लक्ष्मीदेवी को मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-शिवकरण सैनी, जिला पर्यवेक्षक कांग्रेस।

pawan pareek Desk
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