नेताओं को चाहिए कार, यहां रोटी के लाले

नौसर (जोधपुर). जनसहयोग से दो सडक़ें बनाने वाले चार ढाणियों के लोगों में मूलभूत सुविधाओं के मामले में उपेक्षा के कारण जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश है और सात दिसंबर को ये सभी नोटा का बटन दबाएंगे।

By: pawan pareek

Published: 25 Nov 2018, 11:01 PM IST

नौसर (जोधपुर). जनसहयोग से दो सडक़ें बनाने वाले चार ढाणियों के लोगों में मूलभूत सुविधाओं के मामले में उपेक्षा के कारण जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश है और सात दिसंबर को ये सभी नोटा का बटन दबाएंगे। इन लोगों ने जब तक समस्याओं के समाधान न होने तक नेताओं को गांव में न घुसने देने की बात भी कही है।

 

लोहावट विधानसभा के ग्राम पंचायत नौसर स्थित बेलदारों, राइकों, भीलों व धांधलों की ढाणियों के करीब डेढ सौ महिला-पुरूषों ने रविवार को क्षेत्र में जनसहयोग से बनाई सडक़ पर खड़े होकर असुविधाओं को गिनाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि नेताओं को कारें व हवाई जहाज चाहिए जबकि हम आज भी दो जून की रोटी के लिए तरस रहे है। पचास साल से हमारे यहां मूलभूत सुविधाओं के लिए किसी ने कुछ नहीं किया।


गौरतलब है कि सरकार व प्रशासन के ध्यान न देने से हो रही परेशानी से निजात पाने के लिए दो माह पहले बेलदारों की ढाणी के लोगों ने चंदा जुटाकर रेतीले धोरे पर सडक़ बनाई थी। इससे पहले भी रूपनाथजी के धुणे तक जन सहयोग से ग्रेवल सडक़ बनाई गई। ग्रामीणों ने बताया कि इस दौरान सरकार के कई नुमांइदे आए, लेकिन उनकी समस्याएं आज भी तस की तस है।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा

राजस्थान पत्रिका में 17 सितंबर को ‘जिम्मेदारों ने नहीं सुनी, तो परेशान ग्रामीणों ने ही बना डाली सडक़’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। उस समय व उससे पहले सडक़ के अभाव आवागमन की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। ग्रामीणों ने तब भी यही बात बोली कि हम नोटा का प्रयोग करेंगे, नहीं घुसने देंगे नेताओं की गाड़ी को, इस बात पर आज भी कायम है। उन्होंने रविवार को यह बात दोहरा कर अपने तेवर साफ कर दिए है।

 

यह है समस्याएं

राइकों की ढाणी के 20 घरों में रास्ते का अभाव, बेलदारों की ढाणी के 15 घरों में सडक़,पानी आदि सुविधाएं नहीं है। भीलों की ढाणी के 30 घरों में पानी की टंकी व बिजली नहीं, धांधलों की ढाणी के 20 परिवारों के पास बना जीएलआर भी लंबे समय से बंद है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने पेंशन, बीपीएल राशन सामग्री नहीं मिलने, स्कूली बच्चों के लिए राह सुगम नहीं होने की समस्याएं गिनाई।

 

प्रदर्शन के दौरान लूणाराम देवासी, भोमाराम भील, कल्याणसिंह धांधल, गजाराम बेलदार, रामाराम देवासी, आदूराम, लालूराम, भैराराम बेलदार, आसूराम, पेमाराम देवासी ने पुरुषों तथा हंजू देवी व सुवा देवी ने महिलाओं का प्रतिनिधित्व किया।

pawan pareek Desk
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