
हत्या के दो आरोपियों को आजीवन कारावास
कोर्ट ने लगाया पचास हजार रुपये का जुर्माना
जोधपुर. एससीएसटी कोर्ट की न्यायाधीश अनिमा दाधीच ने हत्या के पांच साल पुराने मामले में दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए दोनों पर पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
मामले के अनुसार 24 जुलाई, 2014 की रात खवासपुरा निवासी युवक तेजाराम को श्रवणराम और रामेश्वर धोखे से मोटरसाइकिल में बैठा कर ले गए और बोरूंदा-घोड़ाघाट के रास्ते के बीच में गाड़ी से उतारकर बुरी तरह पीटा। इससे उसके पैरों में फ्रैक्चर हो गया। लोगों ने घायल तेजाराम को बोरुंदा राजकीय अस्पताल पहुंचाया। वहां से उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया जहां 4 अगस्त, 2014 को इलाज के दौरान तेजाराम की मृत्यु हो गई। बोरुंदा पुलिस ने अनुसंधान कर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 365,302,323/34 के तहत न्यायालय में चालान पेश किया था। अंतिम बहस में विशिष्ट लोक अभियोजक हुकुमसिंह गहलोत ने आरोपियों को कड़ी सजा देने और बचाव पक्ष ने नरमी बरतने का निवेदन किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी श्रवणराम मेघवाल पुत्र रामस्वरूप और रामेश्वरलाल पुत्र भोलाराम जाट को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
Published on:
27 Nov 2019 11:49 pm
