
lift canal
जोधपुर व फलोदी सहित जिले के करीब एक हजार से भी ज्यादा गांवों को हिमालय का पेयजल आपूर्ति करने वाली राजीव गांधी लिफ्ट नहर के रख-रखाव में बरती जा रही लापरवाही के कारण कहीं नहर क्षतिग्रस्त हालत मेंं पड़ी है तो कहीं घास उग गई है। इससे इस लिफ्ट नहर के रख-रखाव को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जोधपुर शहर तक हिमालय का पानी पहुंचाने के लिए कार्यरत करीब 209 किलोमीटर लंबी राजीव गांधी लिफ्ट नहर के 30 किलोमीटर भाग में विशाल पाइपलाइनें लगी हुई है, जबकि शेष 179 किलोमीटर भाग में खुली नहर है।
इस लिफ्ट नहर के रख-रखाव एवं पम्पिंग स्टेशनों के संचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा हर साल बड़ा बजट खर्च किया जाता है, लेकिन ठेका एजेंसी द्वारा रख-रखाव कार्यों में बरती जा रही लापरवाही के कारण इस लिफ्ट नहर पर संकट के बादल मंडराने शुरू हो गए है।
जानकारी के अनुसार लिफ्ट नहर के आरडी 66 स्थित पुलिया के निकट यह नहर क्षतिग्रस्त हालत में है और आरडी 62-69 के बीच जगह-जगह नहर में घास उग गई है।
