
अब मारवाड़ी पानी का एेसा होगा ‘जायका’
अविनाश केवलिया. जोधपुर.
जोधपुर सहित मारवाड़ के 21 सौ से अधिक गांवों व पांच शहरों को पानी पिलाने का राजीव गांधी लिफ्ट केनाल का तीसरा चरण प्रोजेक्ट एक मोड़ से गुजर रहा है। एशियन डवलपमेंट बैंक से फंडिंग से आस लगाए बैठे इस प्रोजेक्ट को एक झटका लगा है। एडीबी ने ब्याज दरें इस हद तक बढ़ा दी कि वह जलदाय विभाग के दायरे से बाहर हो गया। अब जापान इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन एजेंसी (जायका) से उम्मीद जगाई जा रही है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीते दिनों पानी-बिजली विभागों की समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की। जिसमें सामने आया कि लिफ्ट केनाल का तीसरा चरण जो राज्य सरकार ने प्रस्ताव स्वीकृत कर केन्द्र सरकार के पास भेजा था। वह एडीबी के जरिये फंडिंग होना था। लेकिन अंतिम समय में एडीबी ने ब्याज दरें 3 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ा दी। ऐसे में अब जायका जिसकी ऋण दरें 1.5 प्रतिशत के आस-पास हैं उसके पास यह प्रोजेक्ट भेजा जाएगा। 14 सौ करोड़ से अधिक लागत के इस प्रोजेक्ट का 75 प्रतिशत तक बाहर से फंडिंग होना है। इस प्रोजेक्ट से जोधपुर, बिलाड़ा, फलोदी, पीपाड़ और समदड़ी शहर सहित 21 सौ गांव लाभांवित होंगे।
यह है लिफ्ट केनाल का तीसरा चरण
- 2104 गांवों तक राजीव गांधी लिफ्ट केनाल से पानी पहुंचाने का प्रोजेक्ट बना था।
- 5 शहर भी 3 जिलों के इस प्रोजेक्ट से लाभांवित होंगे।
- 1454 करोड़ इसकी प्रोजेक्ट लागत जब राज्य सरकार ने प्रस्ताव मंजूर कर भेजा।
- 75 प्रतिशत की फंडिंग बाहर से होगी।
- 25 प्रतिशत फंड तो प्रदेश व केन्द्र सरकार से मिलकर होना है उसका अंश अगले वित्तीय वर्ष में जारी होगा।
केनाल की बढ़ सकती है क्षमता
इस तीसरे चरण के प्रोजेक्ट को स्वीकृत होने के बाद पूरा होने में करीब 5 से 7 साल का समय लग सकता है। तब तक वार्षिक क्लोजर में जोधपुर सहित आस-पास के गांवों में पानी पिलाने के लिए केनाल की तीन फीट तक ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे जोधपुर को 70 दिन का पानी स्टोर किया जा सकेगा।
इनका कहना है...
एडीबी की ब्याज दरों से कम पर जायका ऋण उपलब्ध करवा सकती है। अभी इस संबंध में मुख्य सचिव के साथ बैठक होगी, इसके बाद निर्णय किया जाएगा।
- नीरज माथुर, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, पीएचइडी जोधपुर।
Updated on:
14 Dec 2019 08:46 pm
Published on:
14 Dec 2019 08:46 pm
