किसानों को बिना सिक्योरिटी के मिलेगा ऋण

किसानों को बिना सिक्योरिटी के मिलेगा ऋण

Ranveer Choudhary | Publish: Sep, 09 2018 09:49:54 PM (IST) Jodhpur, Rajasthan, India

लोन के लिए संपत्ति के दस्तावेज सिक्योरिटी पर नहीं देने होंगे
भूमिहीन, लघु और सीमांत किसानों के लिए योजना

 



जोधपुर.
भारतीय स्टेट बैंक शाखा (sbi) और नाबार्ड व पांच एनजीओ के बीच हुए एक एमओयू के बाद अब किसानों को बिना किसी सिक्योरिटी के ऋण मिलेगा। पीपाड़सिटी स्थित एसबीआई बैंक परिसर में आयोजित बैठक में इस योजना के बारे में किसानों को बताया गया। जहां कई भूमिहीन, लघु और सीमांत किसानों ने योजना के लिए रजिस्ट्रेशन भी करवाया। यह योजना राज्यभर में लागू हैं। किसान एसबीआई की किसी भी शाखा में समूह से जुड़ कर लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
बैठक में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक रमेश रामानी ने बताया कि गांवों में जिन किसानों के पास अपनी जमीन नहीं होती हैं या जो दूसरों के खेतों में काम करते हैं, वे किसान गांरटी व सिक्योरिटी नहीं होने के कारण बैंक से ऋण नहीं ले पाते हैं। ऐसे में वे गांव के साहूकार से तीन से चार गुना ब्याज दर पर पैसा उधार लेते हैं। इस पर उनकी आय का अधिकतर हिस्सा ब्याज में ही चल जाता हैं। इस समस्या के निजात के लिए गत 15 जून को sbi, नाबार्ड और पांच एनजीओं के बीच एक एमओयू हुआ। इसके तहत एनजीओ भूमिहीन, लघु व सीमांत किसानों का समूह बनाएंगे। समूह में ऐसे किसानों को जोड़ा जाएगा। जिनके पास खुद की जमीन नहीं, दूसरे किसानों के यहां काम करते हैं, लोन लेने के लिए संपत्ति के दस्तावेज नहीं हैं, दो हेक्टर से कम जमीन हैं। जिन्हें बैंक बिना गांरटी और सिक्योरिटी के लोन देगा। इस समूह में किसान एक दूसरे की गांरटी देंगे, उन्हें गांरटी के लिए कोई भी जमीन, प्लॉट के दस्तावेज गांरटी के तौर पर नहीं देने होंगे। प्रत्येक समूह को 2 हजार प्रत्सोहान राशि भी दी जाएगी। ग्राम विकास सेवा संस्थान के चेयरमैन मनोहरलाल चौधरी ने किसान समूह के गठन के बारे में बताया। कार्यक्रम में जिला लीड बैंक अधिकारी बीसी कुमावत, sbi उप महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य प्रबंधक नितिन घोलप, sbi क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय के प्रबंधक देवकरण सिंह बेड़ा, sbi शाखा प्रबंधक मुलतानराम सहित क्षेत्र कई किसान उपस्थित थे।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned