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मारवाड़ में जीरे को नष्ट कर गई टिड्डियां, सबसे ज्यादा जैसलमेर में नुकसान

- संभाग में 40 फीसदी जीरा नष्ट- इस साल पौने छह लाख हैक्टेयर में बुवाई
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मारवाड़ में जीरे को नष्ट कर गई टिड्डियां, सबसे ज्यादा जैसलमेर में नुकसान

मारवाड़ में जीरे को नष्ट कर गई टिड्डियां, सबसे ज्यादा जैसलमेर में नुकसान

अमित दवे/जोधपुर. पाकिस्तान से आई टिड्डियों ने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों सहित करीब 10 से अधिक जिलों मे फसलों को चट कर दिया। इसमें सबसे अधिक मारवाड़ की प्रमुख मसाला फ सल जीरा को नुकसान हुआ है। प्रमुख जीरा उत्पादक क्षेत्रों में वर्तमान बुवाई का 35 से 40 प्रतिशत जीरा खराब हो गया है। सबसे ज्यादा नुकसान जैसलमेर जिले में हुआ है। वहीं जोधपुर जिले में भी करीब 33 प्रतिशत फसल खराब हुई है। मारवाड़ के 3 जिलों में 70 हजार हेक्टेयर में बोई गई जीरे की फ सल टिड्डियों ने पूरी तरह नष्ट कर दी।

लूणी-शेरगढ़ में ६५० हैक्टेयर में नुकसान
टिड्डियों के प्रकोप से जैसलमेर में बुवाई की ४० फीसदी फसल खराब हो गई। जैसलमेर में ७० हजार हैक्टेयर में बुवाई की गई, जिसमें करीब २८ हजार हैक्टेयर में फसल खराब हो चुकी है। वहीं जोधपुर जिले में लूणी-शेरगढ़ क्षेत्रों में जीरा फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। इन दोनों क्षेत्रों में कुल बुवाई की करीब ३३ प्रतिशत यानि ६५० हैक्टेयर में फसल को नुकसान हुआ है। जालोर में २४ व बाड़मेर में १२ हजार हैक्टेयर में फसल बर्बाद हुई।

क्वालिटी में राजस्थान का जीरा सबसे अच्छा
क्वालिटी और गुणवत्ता के हिसाब से राजस्थान का जीरा अच्छा माना जाता है। राजस्थान में करीब 55 प्रतिशत जीरा होता है। जिसमें जैसलमेर, बाड़मेर, जालोर, जोधपुर, सांचौर, नागौर, जालोर, पाली आदि जिले प्रमुख हैं। देश में सबसे ज्यादा जीरा राजस्थान में होता है जबकि शेष 45 प्रतिशत जीरा गुजरात में होता है।

प्रदेश में जीरे की बुवाई
बिंजाई--- हैक्टेयर में
बाड़मेर---- १७६१७१
जोधपुर---- १७००००
जालोर---- ७२४६९
जैसलमेर---७००००
नागौर----- ६७०००
पाली----- १२०००
सिरोही---- ५७२५
कुल----- ५७३३६५

इनका कहना है
जिले में लूणी-शेरगढ़ में जीरा फसल खराब हुई है। विभाग की ओर से टिड्डी प्रभावित क्षेत्रों में स्प्रे कराया जा रहा है। सरकार की ओर से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का कार्य किया जा रहा है।
-वीएस सोलंकी, उप निदेशक, कृषि विस्तार, जोधपुर

कृषि विभाग व टिड्डी चेतावनी संगठन की टीमों के साथ कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने टिड्डी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। जैसलमेर, जालोर व बाड़मेर में जीरा फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। इसबगोल की फसल भी प्रभावित हुई है।
-एमएल मेहरिया, जनसंपर्क अधिकारी, कृषि विवि जोधपुर

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