scriptLoss of 50 Cr. to left of MBM college, JNVU demands 250 Cr. from state | एमबीएम कॉलेज जाने से सालाना 50 करोड़ का घाटा, जेएनवीयू ने 5 साल तक सरकार से मांगें 250 करोड़ | Patrika News

एमबीएम कॉलेज जाने से सालाना 50 करोड़ का घाटा, जेएनवीयू ने 5 साल तक सरकार से मांगें 250 करोड़

- एमबीएम विवि को वर्तमान में नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस व इंजीनियरिंग संकाय के ही एक दर्जन हॉस्टल मिलेंगे, रातानाडा हॉस्टल नहीं मिलेगा
- सिण्डीकेट ने लिया निर्णय, वर्तमान में जो जहां संचालित है वहीं रहेगा

जोधपुर

Updated: November 19, 2021 08:53:11 pm

जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की गुरुवार को हुई सिंडिकेट बैठक में एमबीएम विश्वविद्यालय को नॉर्थ और साउथ कैंपस के अलावा वर्तमान में इंजीनियरिंग छात्रों के समस्त छात्रावास सौंपने का निर्णय किया गया। व्यास विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग की समस्त फैकल्टी, तकनीकी कर्मचारी और इनके समस्त पद भी स्थानांतरित कर देगा। इसके अलावा व्यवस्था के लिए 15 अन्य कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर देगा, जिसका खर्चा एमबीएम विवि ही उठाएगा।
एमबीएम कॉलेज जाने से सालाना 50 करोड़ का घाटा, जेएनवीयू ने 5 साल तक सरकार से मांगें 250 करोड़
एमबीएम कॉलेज जाने से सालाना 50 करोड़ का घाटा, जेएनवीयू ने 5 साल तक सरकार से मांगें 250 करोड़
सरकार ने जेएनवीयू को एमबीएम विश्वविद्यालय के लिए कुछ विकास शुल्क देने के भी कहा था लेकिन जेएनवीयू के माली हालत खराब होने के चलते सिण्डीकेट ने राज्य सरकार से प्रति वर्ष 50 करोड़ रुपए के हिसाब से पांच साल तक 250 करोड़ रुपए मांगे हैं।
जेएनवीयू की इंजीनियरिंग फैकल्टी के एमबीएम विश्वविद्यालय में चले जाने से उसको हर साल 50 करोड़ की आय कम हो जाएगी। वर्तमान में इंजीनियरिंग के छात्रों से 35 करोड़ फीस और 15 करोड़ की अन्य आय सालाना होती है। इससे जेएनवीयू पेंशन सहित अन्य खर्चे करता है। जेएनवीयू की स्वयं की कुल आमदनी ही 110 करोड रुपए सालाना है। सिण्डीकेट के इस निर्णय को राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जहां से यह राजभवन जाएगा। राजभवन ही जेएनवीयू की सम्पतियों को एमबीएम विवि को हस्तांतरित करेगा।
जो जहां है वहीं रहेगा, जब तक इंतजाम नहीं होता
एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के कैंपस में संचालित व्यास विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट विभाग, ईएमआरसी, कौशल विकास केंद्र, फार्मेसी विंग और कंप्यूटर सेंटर को अन्यत्र व्यवस्था नहीं होने तक नहीं हटाया जाएगा। नए भवन निर्माण के लिए व्यास विवि सरकार से अनुदान मांगेगा।
गेस्ट हाउस का इस्तेमाल कर सकेंगे
व्यास विश्वविद्यालय का गेस्ट हाउस एमबीएम विश्वविद्यालय अन्यत्र व्यवस्था नहीं होने तक इस्तेमाल कर सकेगा। रातानाडा हॉस्टल को एमबीएम विवि को देने से मना कर दिया गया।

क्वार्टर में जो जहां है वहीं रहेंगे
सिंडिकेट ने निर्णय किया कि व्यास विश्वविद्यालय के क्वाट्र्स में वर्तमान में रह रहे इंजीनियरिंग के शिक्षकों को अन्य व्यवस्था नहीं होने तक हटाया नहीं जाएगा। साथ ही व्यास विवि के शिक्षक भी वर्तमान क्वार्टर में बने रहेंगे।
पूर्व आरपीएससी चेयरमैन सर्च कमेटी सदस्य
जेएनवीयू कुलपति प्रो प्रवीण त्रिवेदी का कार्यकाल 14 फरवरी 2022 को समाप्त हो रहा है। सिंडिकेट ने नए कुलपति की तलाश के लिए सर्च कमेटी में अपनी ओर से राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष आरडी सैनी को सदस्य नामित किया है।

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