जोधपुर।
मादक पदार्थ तस्करी और फायरिंग के मामलों में पौने दो साल से फरार अंतरराज्यीय गैंग के सरगना व एक लाख रुपए के इनामी को पुलिस ने बासनी रेलवे स्टेशन के पास एसयूवी में से दबोच लिया। बासनी थाना पुलिस ने उसके कब्जे से एक तलवार जब्त की।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम गौरव यादव ने बताया कि जोधपुर ग्रामीण जिले के कापरड़ा थानान्तर्गत चोढ़ा गांव निवासी हनुमानराम बिश्नोई पर एक लाख रुपए का इनाम था। उसके शुक्रवार रात जोधपुर आने की सूचना मिली। एसीपी बोरानाडा कार्यालय के कांस्टेबल सोमताराम की सूचना पर तलाश शुरू की। इस बीच, उसके बासनी रेलवे स्टेशन के पास एसयूवी में सवार होने का पता लगा। एडीसीपी चंचल मिश्रा व एसीपी बोरानाडा नरेन्द्र सिंह के निर्देशन में आरपीएस शिवम जोशी, बासनी थानाधिकारी जितेन्द्रसिंह व विवेक विहार थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह चारण और डीएसटी प्रभारी उप निरीक्षक मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर दबिश दी, जहां खड़ी भीलवाड़ा के शाहपुरा नम्बर की एसयूवी संदिग्ध दिखाई दी। तस्दीक के बाद पुलिस ने एसयूवी को घेर लिया। चालक सीट पर मौजूद हनुमानराम बिश्नोई को पकड़ लिया गया। एसयूवी से एक तलवार जब्त की गई। आरोपी व वाहन को थाने लाया गया, जहां आर्म्स एक्ट में एफआइआर दर्ज कर चोढ़ा गांव निवासी हनुमानराम सिहाग पुत्र भल्लाराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया। उससे एसयूवी भी जब्त की गई है।
मारवाड़ का प्रमुख ड्रग्स सप्लायर होने का दावा
थानाधिकारी जितेन्द्रसिंह का कहना है कि आरोपी हनुमानराम अंतरराज्यीय गैंग का सरगना है। वह मारवाड़ व पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख डोडा पोस्त व अफीम या एमडी ड्रग्स पेडलर बताया जाता है। वह अपने गिरोह के साथ मेवाड़ से ड्रग्स लेकर आता था और पाली, जोधपुर व आस-पास के क्षेत्र में तस्करी करता था।
सरेण्डर के लिए जोधपुर पहुंचने की सूचना
आरोपी हनुमानराम के खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं। कापरड़ा और रायपुर थाने में दर्ज फायरिंग व एनडीपीएस एक्ट के दो मामलों में फरार था। पुलिस लम्बे समय से उसकी तलाश में थी। वह जोधपुर से बाहर था। सूत्रों की मानें तो वह सरेण्डर करने वाला था। इसके लिए वह शुक्रवार रात ही जोधपुर आया था और मधुबन हाउसिंग बोर्ड आया था। हालांकि पुलिस ने समर्पण की जानकारी से इनकार किया है।