
Marriage auspicious times will be reduced in 2020
जोधपुर. आज से शुरू हो रहे नववर्ष 2020 का प्रथम नौ रेखी सावा इसी माह 15 जनवरी को होगा। सूर्य धनु से मकर राशि में 14 जनवरी की रात्रि 2 बजकर 6 मिनट को प्रवेश के साथ ही मळमास समापन होने से मांगलिक कार्यों का भी शुभारंभ हो जाएगा।
सूर्यनगरी के प्रमुख ज्योतिषियों का कहना है कि इस बार वर्ष 2020 में पिछले साल की तुलना में विवाह के 25 मुहूर्त कम होने के कारण शहनाइयां कम बजेगी।
वर्ष 2020 में मात्र 31 दिन ही सावों की धूम रहेगी। हालांकि अनेक लोग विवाह के मुहूर्त के अलावा जन्म पत्रिका और पंचाग के आधार पर विवाह की तारीख तय करने में विश्वास रखते है। वर्ष 2019 में मात्र 55 विवाह के शुभ मुहूर्त थे।
पं. ओमदत्त शंकर ने बताया कि मकर संक्रांति का प्रथम नौ रेखी सावा 15 जनवरी 2020 को होगा। इसके बाद 29, 30 व 31 जनवरी को भी नौ रेखी सावा होगा। इसी तरह फरवरी मास में 25 व 26 को भी 9 रेखी सावा है। होलाष्ठक 3 मार्च 2020 को लगने से पुन: 9 मार्च तक मांगलिक कार्य थम जाएंगे।
मार्च 14 से 13 अप्रेल तक पुन: मळमास के कारण विवाह के मुहूर्त नहीं है। इसके बाद 1 जुलाई से देवशयन काल और चातुर्मास शुरू होने से 5 नवम्बर विवाह के मुहूर्त नहीं होंगे। मळमास के दौरान 15 दिसम्बर को अस्त हुआ गुरु का तारा 9 जनवरी को शाम 7.53 बजे तक रहेगा।
यह रहेंगे 2020 में विवाह के मुहूर्त
15 जनवरी, 18,20, 29, 30 व 31 जनवरी
4 फरवरी,9, 10,12,14,25,26
मार्च में सिर्फ 11 तारीख
अप्रेल में 16 तारीख
मई में 1,2,65,14,18,19,23 व 24
जून में 15 और 30 जून
जुलाई से नवम्बर तक श्रीहरि विष्णु शयनकाल व चातुर्मास
नवम्बर में 7,9, 11, इसके बाद मळमास शुरू हो जाएगा जो जनवरी 2021 तक रहेगा।
Updated on:
31 Dec 2019 09:01 pm
Published on:
31 Dec 2019 09:01 pm
