
नई सौर ऊर्जा की नीति जारी, मारवाड़ ही है इसकी रीढ़
जोधपुर.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को प्रदेश की नई सोलर और विंड नीति जारी कर दी। प्रदेश को पांच साल बाद मिली नीति में अगले पांच वर्ष में वर्तमान में उत्पादिन ग्रीन एनर्जी का 6 गुणा उत्पादन करने का लक्ष्य है। खास बात यह है कि इस लक्ष्य को पूरा करने में मारवाड़ की महत्वपूर्ण भूमिका है।
वर्तमान में भी प्रदेश में उत्पादित कुल ग्रीन एनर्जी का 60-70 प्रतिशत उत्पादन पश्चिमी राजस्थान में होता है। ऐसे में यह नीति यहां के लिए वरदान साबित हो सकती है। इससे नए सोलर पार्क विकसित होने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस नीति में सोलर उपकरण बनाने की योजना भी है। गौरतलब है कि सीएम ने सरकार के पहले बजट में इस आशय की घोषणा की थी। राजस्थान पत्रिका ने ‘सौर ऊर्जा से दमके मरुधरा’ अभियान शुरू कर इस ओर ध्यान खींचा था।
सौर ऊर्जा में पश्चिमी राजस्थान का योगदान
- 5 हजार मेगावाट के करीब सौर ऊर्जा का उत्पादन पूरे प्रदेश में।
- 3 हजार मेगावाट से अधिक बिजली अकेला मारवाड़ बनाता है।
- 30 हजार मेगावाट पूरे प्रदेश का लक्ष्य है 2024-25 तक सोलर जनरेशन से।
- अब 20 हजार मेगावाट बिजली बनाने की जिम्मेदारी भी पश्चिमी राजस्थान को मिल सकती है।
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विंड एनर्जी में योगदान
- 4 हजार मेगावाट क्षमता के विंड एनर्जी जनरेशन प्लांट पूरे प्रदेश में।
- 2 हजार 500 मेगावाट विंड एनर्जी जनरेशन मारवाड़ क्षेत्र में हो रहा है।
- 2 हजार मेगावाट से अधिक अब डिस्कॉम को जरूरत के विंड जनरेशन का टारगेट।
- इसमें भी 50 प्रतिशत पश्चिमी राजस्थान का ही योगदान रहेगा।
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यह नवाचार मारवाड़ में बड़े काम के
1. सोलर एनर्जी उपकरण निर्माण उद्योग
राज्य सरकार सोलर एनर्जी उपकरण बनाने की पहल करने जा रही है। अब तक अजमेर जिले में एक एनजीओ ही यह उपकरण बना रहा है। अब उपकरण बनाने के लिए एमएसएमई के तहत नए प्लांट को बढ़ावा देने की योजना है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र में 50 प्रतिशत रियायत, स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट, इलेक्ट्रीसिटी ड्यूटी में 10 साल की छूट सहित अन्य रियायतें दी जा रही है। ऐसे में जोधपुर सहित पूरे मारवाड़ में निवेश और रोजगार के बड़े अवसर हैं।
2. रिन्यूएबल एनर्जी आधारित चार्जिंग सिस्टम
इस नीति में रिन्यूएबल एनर्जी आधारित चार्जिंग पॉइंट विकसित करने का लक्ष्य है। इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने की भी तैयारी है। पूरे प्रदेश में 500 रिन्यूएबल एनर्जी पॉइंट विकसित करने का लक्ष्य है। इसके लिए सरकारी भूमि 50 प्रतिशत सस्ती दर पर मिलेगी।
Published on:
21 Dec 2019 09:48 pm
