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मारवाड़ी रैप गानों से धूम मचा रहे जागीरदार आरवी

हनीसिंह के रैप गाने सुनकर मारवाड़ी गानों को रैप सॉंग रिकॉर्ड करने लगे, म्हारो जोधपुर सांग ने मचाई धूम
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marwari rapper

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कुछ कर गुजरने का जुनून इंसान को कुछ भी करने के लिए मजबूर कर सकता है। ऐसा ही कमाल कर दिखाया है जोधपुर के सरदारपुरा स्थित छात्रावास में रहने वाले रघुवीरसिंह राजपुरोहित ने। यह वो रैपर है जिनके अंदर से चॉकलेट नहीं टैलेंट निकलता है और इसी टैलेंट की बदौलत शहर के युवाओं के बीच जागीरदार आरवी के नाम से लोकप्रिय हो रहे हैं। रैप गानों को मारवाड़ी में गाने की चाह से शुरू हुई यह मंजिल अब यूट्यूब पर नई इमारत खड़ी करने में लगी हैं। यह शब्दों को गानों के रूप में ठीक उसी तरह पिरोते है जैसे धागे में मोती। स्वयं द्वारा लिखे गये रैप गाने देशी विदेशी कलाकारों के साथ धूम मचा रहे हैं। इनके गानों में राजस्थानी संस्कृति विशेष रूप से दिखाई देती हैं।

IMAGE CREDIT: Arvind Singh Rajpurohit

जोधपुर आकर बदल गया इरादा

नागौर जिले के बोरावड़ गांव के रहने वाले जागीरदार आरवी की प्रारम्भिक शिक्षा गांव में ही हुई। आगे की पढ़ाई के लिए जोधपुर स्थित छात्रावास में रहने आए तो यहां उसका इरादा संगीत की दुनिया की ओर मुड़ गया। जोधपुर की संस्कृति को करीब से जाना ओर शहर की संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने के लिए लिखना शुरू किया। लिखने की चाह ने रैपर गायक बना दिया। अब मारवाड़ी शब्दों को रैप में ढालकर यूट्यूब पर धूम मचा रहे इस युवा के इस सफर की शुरूआत भी उतार चढ़ाव वाली रही हैं।

मस्ती की पाठशाला से की शुरूआत

जागीरदार आरवी के नाम से पहचान बनाने वाले सिंह की रैप सांग गाने की शुरूआत हनी सिंह के गानों को सुनकर हुई। यहां से मारवाड़ी गानों पर रैप बनाने का आइडिया आया। जिसमें राजस्थानी संस्कृति को रूबरू करवाते हुए पहला रैप गाना एक म्यूजिक चैनल के साथ मिलकर बनाया था। जिसका नाम था मस्ती की पाठशाला। लंगा गू्रप के साथ मारवाड़ी रैप को बड़े ही सहज ढंग से गाया जिसे काफी प्रसिद्धि भी मिली। वर्तमान में इश्क बीमारी नाम से नया गाना लांच हुआ हैं।

IMAGE CREDIT: Aravind singh rajpurohit

गाने के लिए पैसे नहीं थे, कॉल सेंटर में की नौकरी

भीड़ से हटकर पहचान बनाने का लक्ष्य ठाने आरवी को इस सफर में कई बाधाओं का भी सामना करना पड़ा। गानों को रिकॉर्ड करवाने के लिए पैसे नहीं थे। ऐसे में पढ़ाई करते पॉकेटमनी से ऐसा करना संभव नहीं था। लेकिन जूनून को पूरा करने के लिए रात को कॉल सेंटर में जॉब की, ताकि अपने शौक को पूरा कर सके। जॉब से मिले पैसों से गानों को रिकॉर्ड करवाया।

IMAGE CREDIT: Aravindsingh rajpurohit






मुश्किलों में दोस्त बने सहारा

अपनी प्रतिभा से शहर में नाम रोशन करने वाले जागीरदार आरवी को इस सफर के दौरान आई मुश्किलों ने रैप सांग की दुनिया को छोडऩे की तरफ धकेल दिया था। लेकिन दोस्तों ने प्रोत्साहित किया तो फिर से गाना रिकॉर्ड करना शुरू किया। दोस्तों के सहयोग हाल ही रिकॉर्ड किए गए 'म्हारो जोधपुरÓ गाने को कुछ ही दिनों में लाखों लोगों ने देखा। गाने की लोकप्रियता के कारण 'म्हारो जोधपुर' राजस्थान के टॉप ४ गानों में शुमार हुआ। कई रेडियो स्टेशनों पर भी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुका यह कलाकार अब मुंम्बई के एक स्टूडियो के साथ देश के लिए कुछ नया गाने की तैयारी कर रहे हैं।
अब तक के टॉप गानों में म्हारो जोधपुर, जोधपुर एंथम, म्हारे देश पधारो, स्वेग मारवाड़ी आदि प्रमुख हैं।

'बॉलीवुड में बनाना चाहता हुं मुकाम'
रैप सिंगर रघुवीरसिंह (जागीरदार आरवी) का कहना है कि राजस्थानी संस्कृति अपने आप में अद्वितीय है। इसको दुनियां के सामने रैप सांग के माध्यम से रखना चाहता हूं। साथ ही राजस्थान में हिप हॉप गानों को प्रमोट करना चाहता हूं। ताकि मेरे जैसे कलाकारों को आगे बढऩे का मौका मिलें। इसके लिए शहरवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा हैं।

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