महापौर माचिया किले का विकास चाहती है, वन भूमि के कारण अनुमति मिलना ही मुश्किल

- पहले भी कई बार यहां विकास के लिए प्रयास हुए

- केन्द्र सरकार की ओर से नहीं मिलती अनुमति

 

By: Avinash Kewaliya

Published: 28 Jan 2021, 08:59 PM IST

जोधपुर।

इतिहास की झलक लिए माचिया किला, जो वर्षों से उपेक्षा का शिकार है वहां विकास का एक बार फिर सपना देखा जा रहा है। लेकिन हर बार ही तरह इस बार भी वन भूमि होने और केन्द्र सरकार से अनुमति नहीं मिलना इसमें बड़ी अड़चन साबित हो सकता है। गुरुवार को उत्तर महापौर कुंती देवड़ा परिहार ने अधिकारियों के साथ मौका देखा और इसके प्रोजेक्ट के लिए कई निर्देश दिए।

नगर निगम (उत्तर) महापौर कुन्ती देवड़ा परिहार ने गुरुवार को शहर के अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण किया। माचिया सफारी पार्क उनकी टीम पहुंची और यहां किले व जेल का निरीक्षण किया। महापौर ने अधिकारियों को माचिया सफारी पार्क में स्थित शहीद स्मारक का विकास, सडक़ बनाने और किले के जीर्णोद्धार का प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए। हालांकि इस क्षेत्र के विकास के लिए पहले भी जेडीए व नगर निगम की ओर से दावे किए जा चुके हैं। लेकिन सरकारी अनुमति नहीं मिलती और सभी प्रोजेक्ट कागजों में ही रह जाते हैं।

यहां भी किया निरीक्षण

महापौर ने इसके साथ ही सत्संग भवन के पीछे, कुत्तो का बाड़ा, गेवा स्कूल, भाखरी बास, कालीबेरी, सोडो की ढाणी, गडेरो की ढाणी, गोयलो की ढाणी, गांधी नगर, अम्बेडकर कॉलोनी और सूरसागर धरमावतो का बास का भी दौरा किया। लोगों ने सफाई, सीवरेज और ड्रेनेज की समस्या बताई। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए। उनके साथ उप महापौर अब्दुल करीम जॉनी, प्रोफेसर अयूब खान, जगदीश सांखला, पार्षद भागीरथ मेघवाल, भंवर लाल भील, विशाल सांखला मौजूद थे।

इनका कहना...

सबसे पहले हम वहां विकास कार्य करवाने के लिए केन्द्र सरकार के पास अनुमति का आवेदन ही करेंगे। इसे फिलहाल पर्यटकों के लिहाज से विकसित नहीं कर रहे हैं, लेकिन ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण जरूरी है।

- कुंती देवड़ा परिहार, महापौर, नगर निगम उत्तर

Avinash Kewaliya
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