
एमबीएम कॉलेज बना विश्वविद्यालय, राज्यपाल ने लगाई मोहर
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से संबद्ध एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज अब विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित हो गया है। राज्यपाल कलराज मिश्र ने शुक्रवार को कॉलेज के विवि बनने के विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए। जल्द ही राज्य सरकार गजट नोटिफिकेशन जारी करेगी। अगले सप्ताह एमबीएम विश्वविद्यालय के लिए पहले कुलपति की नियुक्ति की उम्मीद है। जोधपुर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों से कई शिक्षाविदें ने सरकार को अपना बायोडाटा भेजा है। सरकार कुलपति की सीधी नियुक्ति करेगी। कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों और संपत्ति के बंटवारे को लेकर भी सरकार एक कमेटी नियुक्त कर सकती है। एआईसीटीई का शैक्षणिक सत्र 2021-22 एक अक्टूबर से शुरू हो रहा है। यह सत्र अब विवि के रूप में शुरू हो सकेगा।
राज्य सरकार ने 17 सितम्बर को एमबीएम विश्वविद्यालय जोधपुर विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया था। राज्यपाल के हस्ताक्षर करने के बाद अब यह एक्ट बन गया है। एमबीएम विवि एक बहु संकाय विवि होगा, जिसमें इंजीनियङ्क्षरग व टेक्नोलॉजी की विभिन्न शाखाएं होगी, इसका कार्यक्षेत्र संपूर्ण राजस्थान होगा। यह अन्य महाविद्यालयों को सम्बद्धता प्रदान कर सकेगा। एमबीएम कॉलेज की स्थापना 1951 में हुई थी। इसका 1962 में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में विलय हुआ था। वर्तमान में यह व्यास विवि का इंजीनियरिंग संकाय है। अब व्यास विवि से यह 59 साल बाद फिर से अलग होने जा रहा है।
कुलपति के साथ प्रति कुलपति की भी होगी नियुक्ति
एमबीएम विश्वविद्यालय में कुलपति के साथ प्रति कुलपति का भी पद भी रखा गया है। सिण्डीकेट के स्थान पर नियम निर्मात्री संस्थान के तौर पर बॉर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बॉम) कार्य करेगा। इसी के साथ जोधपुर में अब छह विश्वविद्यालय हो गए हैं।
Updated on:
25 Sept 2021 06:47 pm
Published on:
25 Sept 2021 06:47 pm
