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लग्जरी कार में गर्लफ्रेंड से मिलने पहुंचा एमडी तस्करी के सरगना को पकड़ा

साइक्लोलर टीम का ऑपरेशन सैण्डी : गुजरात से जोधपुर तक बिछाया था एमडी तस्करी का जाल, एक साल से था फरार

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wanted md drugs smuggler

एमडी ड्रग्स तस्करी का वांछित सरगना दिनेश बिश्नोई

जोधपुर.

पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) रेंज जोधपुर विकास कुमार की साइक्लोनर टीम ने ऑपरेशन सैंडी के तहत बनाड़ क्षेत्र में दबिश देकर लग्जरी कार में सवार एमडी ड्रग्स तस्करी के सरगना को पकड़ लिया। उस पर चालीस हजार रुपए का ईनाम था। पीपाड़ शहर थाना पुलिस ने उसे एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया है।

आइजी (रेंज) विकास कुमार ने बताया कि पीपाड़ शहर थानान्तर्गत कोसाणा में बिश्नोइयों का बास निवासी दिनेश बिश्नोई एमडी ड्रग्स तस्करी का सरगना व किंग पिन है। पीपाड़ सिटी थाने में दो और पाली जिले में एक मामले में वह एक साल से फरार था। रेंज स्तर से 40 हजार रुपए का ईनाम घोषित था। गत दिनों उसकी एक गर्लफे्ण्ड ने साइक्लोनर टीम को महत्वपूर्ण सुराग दिए।

तब पुलिस ने विशाखापट्टनम में दबिश दी, लेकिन दादी का निधन होने से वह निकल गया था। गांव में सामाजिक रीति-रिवाज पूरे करके उसने फिर से गर्लफ्रेंड से बात की। महिला मित्र ने पुलिस को सूचना दी।

आरोपी दिनेश अपनी महिला मित्र को लग्जरी कार में लॉन्ग ड्राइव पर घूमाने ले जाने वाला था। इसके लिए वह महिला मित्र को लेने उसके घर के लिए रवाना हुआ। साइक्लोनर टीम के एसआइ कन्हैयालाल, प्रमित चौहान, देवाराम के नेतृत्व में पुलिस ने बनाड़ क्षेत्र में बीच रास्ते में लग्जरी कार की घेराबंदी कर कोसाणा में बिश्नोइयों का बास निवासी दिनेश सारण पुत्र महीराम बिश्नोई को पकड़ लिया। कार्रवाई में हेड कांस्टेबल महेन्द्र कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूछताछ में उसने एमडी ड्रग्स तस्करी के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

मोबाइल छोड़ा, लेकिन गर्लफ्रेंड नहीं और उससे पकड़ा

आरोपी दिनेश तस्करी में पांव पसारने के बाद महंगी कारें खरीदीं और लग्जरी लाइफ जीने लगा। उसने महिला मित्र भी बनाए। एक साल पहले तीन जगह ड्रग्स पकड़े जाने के बाद वह फरार हो गया था। गुजरात के मोरबी में ठिकाना बना लिया था। उसने मोबाइल रखना छोड़ दिया था, लेकिन गर्लफेंड का शौक नहीं छोड़ सका। वह उससे मिलने जोधपुर आता था। उसकी कई महिला मित्र बनीं। पुरानी महिला मित्र से सम्पर्क नहीं टूटा था। उसकी अपराधिक गतिविधि, दूसरी गर्लफ्ररेंड बनाने व रूचि कम लेने की ईर्ष्या में महिला मित्र ने पुलिस को सुराग दे दिए।

गुजरात से एमडी तस्करी का सरगना बना

भाई के पढ़ने लिखने के बावजूद नौकरी नहीं लगी थी। बीए द्वितीय वर्ष के बाद दिनेश ने पढ़ाई छोड़ दी थी। वह पिता के छोटे से ट्रक व्यवसाय में शामिल हो गया था, लेकिन कमाई कम होने पर उसे रास नहीं आया। वह कुख्यात तस्कर गांव के रामनिवास के सम्पर्क में आया तो अपराध की दुनिया में कदम रख दिए। बड़े भाई के मोरबी में व्यवसाय व पिता के काम-धंधे के साथ दिनेश ने गुजरात से जोधपुर तक एमडी ड्रग्स तस्करी का जाल बिछाया। चार-पांच साल में वह एमडी ड्रग्स तस्करी का अंतरराज्यीय किंग पिन बन गया। पिछले साल तीन जगह भारी मात्रा में ड्रग्स पकड़े जाने के बाद से वह पुलिस की नजरों में आ गया था। इसमें पाली में जब्त 14 किलो एमडी ड्रग्स भी शामिल है।

उलटे नाम से रखा ऑपरेशन सैंडी

आरोपी का नाम दिनेश है। उसके नाम को हिंदी में पढ़ने पर सैनेडी होता है। इसी के चलते आइजी रेंज ने उसे पकड़ने के लिए ऑपरेशन का नाम सैंडी रखा।

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