मानसिक विक्षिप्त 'खुमाना का एमडीएम में होगा ईलाज,

- मिलेगा संरक्षण पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने जोधपुर लाकर कराया भर्ती

By: Nandkishor Sharma

Published: 01 Sep 2020, 10:57 PM IST

नंदकिशोर सारस्वत

जोधपुर/ शिव. पिछले 15 वर्षों से जंजीरो में जकड़े बाड़मेर जिले के भानपुरा तहसील रामसर क्षेत्र निवासी मानसिक विक्षिप्त खुमाना पुत्र रागत सिंह को अब जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में सभी चिकित्सा सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध होगी। क्षेत्र की पुलिस ने मानसिक रोगी खुमाना को 108 एम्बूलेंस में मंगलवार को जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। मानसिक विमंदित की समस्याओं को लेकर 28 जनवरी को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित समाचार होने के बाद जोधपुर की मन संस्थान के सचिव योगेश कुमार लोहिया ने राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति को पत्र प्रेषित किया। इस पर संज्ञान लेते हुए राजस्थान हाइकोर्ट विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने मानसिक विक्षिप्त के इलाज करवाने के निर्देश दिए । इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता धुड़ाराम गोरसिया के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विष्णुराम विश्नोई ने मनोरोगी की प्रारंभिक जांच की और उसे 108 एंबुलेंस के माध्यम से जोधपुर रैफर किया ।

क्या था मामला

पीएलवी योगेश कुमार माहेश्वरी ने पत्रिका को बताया की जंजीरों से जकड़ा मानसिक विक्षिप्त खुमानसिंह उर्फ खुमाना एक झोपे में लंबे अर्से से भूखा प्यासा नारकीय जिदगी जी रहा था। वर्ष 1998 मे खुमाना की मानसिक स्थिति बिगडने के बाद परिजनो ने उसका ईलाज गुजरात , जोधपुर सहित कई अस्पतालों में भी करवाया । कुछ वर्षों तक खुमाना का स्वास्थ्य ठीक रहा किन्तु 2005 में फिर से उसका दिमागी संतुलन बिगड़ गया। उसके परिवार में माता मथुरा व पिता सगत सिंह दोनों ही आर्थिक रूप से कमजोर व शारीरिक रूप से असक्षम है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से मानसिक रोगी का ईलाज नहीं हो पा रहा है । राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के निर्देश के बाद मंगलवार को 108 एम्बूलेंस में पुलिस के माध्यम से खुमाना को एमडीएम में भर्ती कराया गया।

Nandkishor Sharma Desk
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