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पुरुषों ने कराई नसबंदी, बनी चर्चा का विषय

ग्रामीण क्षेत्र में आज भी पुरूष प्रधान समाज में पुरुष नसबन्दी को उपेक्षित नजरों से देखा जाता है लेकिन शेरगढ़ के चिकित्सा क्षेत्र के इतिहास में नया अध्याय जोड़ते हुए एक पुरूष ने नसबन्दी करवा कर धर्म निभाया।
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शेरगढ (जोधपुर) . ग्रामीण क्षेत्र में आज भी पुरूष प्रधान समाज में पुरुष नसबन्दी को उपेक्षित नजरों से देखा जाता है लेकिन शेरगढ़ के चिकित्सा क्षेत्र के इतिहास में नया अध्याय जोड़ते हुए एक पुरूष ने नसबन्दी करवा कर धर्म निभाया।


बीसीएमओ डॉ. जोगेश्वर प्रसाद नारवरा ने बताया कि साईनाथ अस्पताल के तत्वावधान में शुक्रवार को महिलाओं की नसबन्दी शिविर आयोजित हुआ था। इसी दौरान एक पुरूष ने अपनी नसबन्दी करवाने की इच्छा जताई। इस पर शनिवार को विशेषज्ञ डॉ. सीपी माथुर की टीम ने एक शेरगढ़ में तथा देचू के दो पुरूषों का सफल नसबन्दी ऑपरेशन किया।

नारवरा ने बताया कि बिना चीरा दिए, बिना बेहोश किए एक साधारण से ऑपरेशन होता है तथा ऑपरेशन के तुरन्त बाद पुरूष अपनी दैनिक कार्य कर सकता है। पूरे गांव में पहली बार हुए पुरूष नसबन्दी की चर्चा चल रही है।


देचू में 2 पुरूष व 42 महिलाओं की नसबंदी
देचू. परिवार नियोजन के तहत राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देचू में शनिवार को नसबंदी शिविर हुआ। चिकित्सा प्रभारी तेजसिंह ने बताया कि शिविर में कुल 50 का पंजीयन हुआ।

दूरबीन पद्धति से डॉ.आर. के व्यास, केल कलवाणी की टीम ने 42 महिलाओं व दो पुरूषों की नसबंदी की। छह महिलाओं के स्वास्थ्य जांच ठीक नहीं होने के कारण नसबंदी नहीं की गई।

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