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पोल खुली तो राशन डीलर ने 18 महीने की चीनी किराणा की दुकान से खरीदकर दी, डेढ़ साल से कर रहा था घोटाला

शहर के पालड़ी मांगलियां स्थित राशन की दुकान पर गरीबों की शक्कर पर भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। राशन डीलर नारायणसिंह अंत्योदय परिवार की धापू देवी की चीनी पिछले 18 महीने से स्वयं ही उठा रहा था। पोस मशीन से गेहूं के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के साथ नारायण सिंह चीनी का भी ट्रांजेक्शन कर देता, लेकिन अनपढ़ धापूदेवी को केवल गेहूं देता।
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गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. शहर के पालड़ी मांगलियां स्थित राशन की दुकान पर गरीबों की शक्कर पर भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। राशन डीलर नारायणसिंह अंत्योदय परिवार की धापू देवी की चीनी पिछले 18 महीने से स्वयं ही उठा रहा था। पोस मशीन से गेहूं के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के साथ नारायण सिंह चीनी का भी ट्रांजेक्शन कर देता, लेकिन अनपढ़ धापूदेवी को केवल गेहूं देता।

ग्रामीणों से सलाह मशविरा करने पर पिछले सप्ताह धापू देवी ने अपने राशन कार्ड का ई-मित्र से ऑनलाइन स्टेटमेंट निकाला, जिसमें राशन डीलर की पोल खुल गई। ग्राम सेवक मधु भाटी को लेकर ग्रामीणों ने राशन की दुकान पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। आखिर नारायण सिंह ने अपनी गलती स्वीकारी, लेकिन चीनी खुद के पास नहीं होने पर उसने पास ही स्थित एक किराणा की दुकान से धापू देवी को 18 महीने की 18 किलो चीनी दिलाई।

सरकार दे रही 24.70 रुपए में, धापू को मिली 13 रुपए में
राज्य सरकार केवल अंत्योदय अन्न योजना के परिवार को प्रति महीना प्रति परिवार एक किलो चीनी 24.70 रुपए में मुहैया करवा रही है। ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन पर घबराए राशन डीलर ने धापू देवी को 18 किलो शक्कर केवल 13 रुपए प्रति किलो के भाव से दे दी। जोधपुर में इस योजना के अंतर्गत 9 हजार परिवार लाभान्वित है।

आधार कार्ड नहीं होने पर गेहंू नहीं दे रहा
मामला उछलने पर सोमवार को रसद विभाग के निरीक्षक मानवेंद्र सिंह जांच करने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें यह भी बताया कि बगैर आधार कार्ड नारायणसिंह गेहूं भी नहीं दे रहा है, जबकि सरकार का ऐसा कोई नियम नहीं है।

कार्रवाई की जाएगी
राशन डीलर ने एक साथ 18 किलो शक्कर दी। जांच में और भी कई अनियमितताएं मिली है। कार्रवाई की जाएगी।
- मानवेंद्र सिंह, निरीक्षक, जिला रसद विभाग

गेहंू के नीचे दबी थी शक्कर
ग्रामीणों के प्रदर्शन पर मैंने 13 रुपए किलो से डेढ़ साल की शक्कर दे दी। शक्कर गेहंू के बोरों के नीचे थे इसलिए मैंने पास में ही किराणा की दुकान से लाने को कहा।
- नारायण सिंह, राशन डीलर, पालड़ी मांगलियां

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