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सरकार से उधार लेकर जनता को नकद में देते हैं राशन का गेहूं, जोधपुर के राशन डीलर्स पर 1.18 करोड़ रुपए बकाया

खाद्य विभाग ब्याज की राशि वसूल कर रहा है, चेतावनियां दे रहा है, बावजूद इसके कई डीलर्स टस से मस नहीं हो रहे।
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गजेंद्र दहिया/जोधपुर. गेहूं व केरोसिन की कालाबाजारी में लिप्त राशन डीलर्स सरकार को भी चूना लगाने से नहीं चूक रहे हैं। राशन डीलर्स ने पहले तो सरकार से उधार में गेहूं ले लिया और अब समय पर पैसे नहीं चुका रहे। इससे रसद विभाग की परेशानी बढ़ गई है। कई डीलर्स ने तो सालभर से पैसे नहीं चुकाए हैं, जबकि खाद्य विभाग को केंद्र सरकार से नकद रुपए देकर गेहूं खरीदना पड़ रहा है। जोधपुर के राशन डीलर्स पर अब तक खाद्य विभाग के 1.18 करोड़ रुपए बकाया हैं। खाद्य विभाग ब्याज की राशि वसूल कर रहा है, चेतावनियां दे रहा है, बावजूद इसके कई डीलर्स टस से मस नहीं हो रहे।

राजस्थान राज्य खाद्य और नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से राशन की दुकानों पर गेहूं वितरण का काम किया जाता है। दो महीने पहले तक गेहूं के वितरण की व्यवस्था ऑफलाइन थी, जिसकी वजह से राशन डीलर्स पर निगम का काफी पैसा बकाया हो गया। कई राशन डीलर्स ने सरकार से राशन का गेहूं उधार ले रखा है। इसके उलट जनता को नकदी में बेचते हैं और गलती से अगर किसी उपभोक्ता के पास एक रुपया भी कम हो तो उसे राशन की दुकान से उलटे पांव लौटा देते हैं। अब तक सरकार का करीब सवा करोड़ रुपया डीलर्स ने रोक रखा है।

अब बगैर पैसे नहीं दे सकते गेहंू
दो महीने पहले सप्लाई चैन ऑनलाइन होने से राशन डीलर द्वारा बगैर पैसे दिए गेहंू का चालान नहीं कटता है। खाद्य निगम नकद राशि लेने के बाद ही गेहूं भेजता है लेकिन कई राशन डीलर्स पैसे नहीं देते हैं। खाद्य सुरक्षा कानून का मामला होने की वजह से राजस्थान खाद्य निगम भी राशन डीलर्स के पैसे नहीं देने के बावजूद गेहूं की आपूर्ति जारी रखने को मजबूर है। निगम को समय पर पैसे नहीं मिलने से कई बार गेहूं लेप्स भी हो जाता है।

2 रुपए किलो गेहूं मिलता है जनता को

राज्य सरकार ने पिछले साल अप्रेल 2017 से जिले में राशन के गेहूं का वितरण सहकारी समितियों से लेकर राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम को दिया था। निगम हर महीने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के स्थानीय डिपो में पैसे जमा करवाकर गेहूं उठाता है और पूरे जिले में राशन डीलर्स को आपूर्ति करता है। राज्य सरकार एफसीआइ से 2 रुपए प्रति किलो के हिसाब से गेहूं खरीदती है और राशन डीलर्स को 1.23 रुपए प्रति किलो में देती है। राशन डीलर 2 रुपए में उपभोक्ताओं को बेचता है, शेष 77 पैसे राशन डीलर का कमीशन होता है। जोधपुर जिले में करीब 1200 राशन डीलर्स है। इसमें से कई राशन डीलर्स पर लंबे समय से खाद्य निगम का पैसा बकाया है।

कहां-कितना बकाया है गेहूं का पैसा
शहर ----- 19,88000

बाप -----3,59,645
बालेसर -----8,70,886
बावड़ी -----6,24,806
भोपालगढ़ -----6,49,519
बिलाड़ा ----5,37,400
देचू -----4,55,703
लोहावट -----5,54,264
लूणी -----12,12,639
मण्डोर -----8,90,868
ओसियां -----13,61,174
फलोदी -----6,88,742
पीपाड़ सिटी -----4,67,554
शेरगढ़ -----8,85,824
तिंवरी -----3,04,355

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