
यहां 100 से अधिक खुले कुएं बन सकते हैं हादसों का सबब
खारिया मीठापुर (जोधपुर). खुले कुएं ढकना स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है। स्थानीय निकाय इस जिम्मेदारी को लेकर कितना सजग है। इसका अंदाजा बिलाड़ा क्षेत्र की करीब 25 ग्राम पंचायतों में कई स्थानों पर खुले कुओं को देखकर लगाया जा सकता है।
इतना ही नहीं क्षेत्र की खेजड़ला गांव में पिछले दिनों खुले कुएं में युवक के गिरने की घटना ने प्रशासन की कार्य प्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बिलाड़ा पंचायत समिति की कुल 25 ग्राम पंचायतों के गांवों में 100 से अधिक कुएं खुले पड़े हैं। ये कुएं कभी भी हादसों का सबब बन सकते हैं।
तहसील क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल की सुविधा के लिए खेतों में खुदवाए गए कुएं बारिश के अभाव में सूख गए हैं और ग्रामीणों ने भी इनकी मरम्मत पर ध्यान देना बंद कर दिया है। इनमें कई कुओं की स्थिति ऐसी है कि वहां पर कुएं होने का आभास ही नहीं होता।
तहसील के इन गांवों में है खुले कुएं
उदलियावास, खारिया- मीठापुर, पिचियाक, बिजवाडिय़ा, बाला, भावी, मालकोसनी, लाम्बा, बड़ीकलां, रावर, हरियाणा, खेजड़ला, पड़ासला, संबाडिय़ा, बीरावास, चांदेलाव, तिलवासनी, चिरढ़ाणी, बोरून्दां, जसनगर, सोवनिया, कापरड़ा, सिंधीनगर, नानण, सिलारी, रणसीगांव, झाक, कालाऊना, बरना, जैतीवास, मुरकासनी, बिजासनी, बुचंकला, रियां, हौलपुर, बायेल, चौढ़ा, जसपाली, ओलवी, बीनावास, रामपुरिया सहित पंचायत समिति क्षेत्र के लगभग सभी गांवों व ढाणियों में कुएं खुले हैं।
दो दर्जनों लोगों की हो चुकी है मौत
बरना गांव की कमला देवी सरगरा, उदलियावास गांव के मांगीलाल, खारिया मीठापुर के मुलतानराम मेघवाल, कापरड़ा गांव में शादी में लडक़ों, डांगियावास गांव के किशनाराम सुधार एवं बचनाराम, भीकाराम की कुएं में गिरने से मौत हो गई थी। इन हादसों में करीब दो दर्जन से अधिक लोगों की कुएं में गिरने से मौत हो गई थी।
इन्होंने कहा
नगरपालिका व ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है कि सार्वजनिक जगहों पर खुले मुंह वाले कुएं जो ग्राम पंचायत और नगर पालिका के दायरे में आते हैं तो उसकी जिम्मेदारी बनती है कि इन कुओं को बंद करवाए।
-मुकेश चौधरी उपखंड अधिकारी बिलाड़ा
Published on:
25 Nov 2018 10:42 pm
