
मच्छरों का धावा: डेंगू से ज्यादा जोधपुर में मलेरिया का हल्ला बोल, एम्स में एक मौत
जोधपुर. शहर में बारिश थमने के बाद मच्छरजनित बीमारियों का दौर शुरू हो चुका हैं। इस बार सालों बाद मलेरिया का प्रकोप भी शहर व जिले में दिखाई देना शुरू हो चुका है। मलेरिया के प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम व प्लाज्मोडियम वैवाक्स दोनों प्रकार मरीजों में मिल रहे हैं। एम्स जोधपुर में पिछले माह मलेरिया के खतरनाक स्वरूप फाल्सीपेरम से ग्रसित एक 78 वर्षीय मरीज की मौत भी हुई। एम्स में मलेरिया फाल्सीपेरम के 6 केस सामने आए हैं। शेष 12 केस मलेरिया वैवाक्स के मिले। इधर, ही चिकित्सकों ने चेताया है कि डेंगू-मलेरिया से सावधान रहने का समय आ चुका हैं। एम्स की बात की जाए तो डेंगू के कुल 7 केस यहां मिल चुके हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग में अभी तक केस रिकॉर्ड में नहीं लिए गए हैं।
मलेरिया के बढ़ रहे हैं मामलेमलेरिया के इन दिनों मामले बढ़ चुके हैं। इसके अलावा डेंगू रोगियों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका हैं। मलेरिया में वैवाक्स व फाल्सीपेरम के मिक्स मामले भी मिल रहे है। कई मरीजों में प्लेटलेट्स डाउन होने जैसी शिकायतें आना शुरू हो चुकी हैं। हालांकि डेंगू के अलावा मलेरिया भी प्लेटलेट्स डाउन कर रहा है। कुल मिलाकर मच्छजनित बीमारियां चालू हो चुकी हैं। मलेरिया में मिक्स इंफेक्शन होना खतरनाक होता है। समय पर मरीज आकर उपचार लेकर बच सकते हैं। रोज तीन-चार मामले संदिग्ध आ रहे है। कइयों में मलेरिया पकड़ में आ रहा है और कइयों में नहीं मिल रहा।
- डॉ. नवीन किशोरिया, सीनियर प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
शहरवासियों को सतर्क रहने की जरूरत
मच्छरजनित बीमारियां आ चुकी है। सभी मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। आसपास लोग गंदा पानी इकट्टा न होने दे। घर में परिंडों-कूलर आदि की साफ-सफाई करते रहे। फुल बाजू के कपड़े पहने। साथ ही घर में मच्छररोधी गतिविधियां करते रहे।- डॉ. विभोर टाक, एडिशनल प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, एम्स जोधपुर
Published on:
03 Sept 2022 09:08 pm
