
YOGA--मसूरी से लौटते हुए 20 फुट खाई में गिरे, मल्टीपल फ्रेक्चर हुए, योग से हुए खड़े
जोधपुर।
भारत के पारंपरिक योग-आसन, प्राणायाम, ध्यान आदि का कोरोना काल में महत्व ज्यादा बढ़ गया है। विश्वभर में योग के बढ़ते रुझान को देख कई लोगों ने योग को अपने कॅरियर के रूप में चुन लिया है। इन्हीं में है वशिष्ठ शर्मा, जिनके जीवन में आई दुर्घटनाओं के उनके जीवन को योग की तरफ आकर्षित किया। वशिष्ठ वर्ष 2020 जनवरी माह में उत्तराखण्ड यात्रा पर गए। अपने साथ साथियों के साथ मसूरी से वापस लौटते हुए रात में इनकी कार बीस फुट नीचे खाई में गिर गई। इस दौरान इनके दो साथियों की मृत्यु हो गई। वशिष्ठ व इनके एक साथी बुरी तरह से घायल हो गए। सुबह रेस्क्यू टीम आई, हॉस्पीटल ले गई, जहां इनके पैर में मल्टीपल फ्रेक्चर थे। बाद में, पंजाब के मोहाली में ऑपरेशन कराया, ऐसे समय इन्होंने बेड पर ही योग-आसन, प्राणायम आदि करने शुरू किए। योग-आसन के निरन्तर अभ्यास से स्वस्थ हुए और वापस अपने पैरों पर खड़े हुए। इससे पहले माइग्रेन की समस्या से जूझ रहे वशिष्ठ ने 2015 में नाक की राइनो प्लास्टी सर्जरी कराई, शारीरिक परेशानी हुई, लेकिन योग-आसन, प्राणायम से अपने आपको ठीक किया।
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थाइलेण्ड में विशेष कोर्स करने वाले प्रदेश के एकमात्र व्यक्ति
योग-आसन में बढ़ते विश्वास को देख इन्होंने थाइलेण्ड में पारंपरिक योग से जुड़ी अल्टरनेटिव चिकित्सा का एडवांस कोर्स किया। थाइलेण्ड में यह कोर्स करने वाले वशिष्ठ प्रदेश के एकमात्र व्यक्ति है। वशिष्ठ अब भारत ही नहीं बल्कि थाइलेण्ड के योग विशेषज्ञों के साथ मिलकर देश-दुनिया में योग व प्राकृतिक चिकित्सा का प्रचार-प्रसार कर रहे है।
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हजारों लोगों को किया लाभान्वित
वशिष्ठ अब पिछले कई वर्षो से योग को ही अपना प्रोफेशन बना चुके है। इस क्षेत्र में कई डिप्लोमा-सर्टिफिकेट कोर्स करने के बाद अब योगा में मास्टर डिग्री कर रहे है। वहीं योगासन, प्राणायाम व प्राकृतिक चिकित्सा से हजारों लोगों को असाध्य बीमारियों से छुटकारा दिलाने में भूमिका निभा रहे है।
Updated on:
22 Jun 2021 05:08 pm
Published on:
22 Jun 2021 05:08 pm
