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जोधपुर . हर पुरुष की हर सफलता व नाकामी के पीछे किसी महिला का हाथ होता है। यह कहावत रंगदारी के लिए फायरिंग की दहशत फैलाने वाली लॉरेंस गैंग के शूटर हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट व लॉरेंस विश्नोई पर सटीक बैठती है। जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस ने हरेंद्र उर्फ हीरा जाट से मोबाइल पर बात कर पुलिस से बचने के लिए मोबाइल तोड़कर फेंकने की सलाह दी थी। चूंकि मोबाइल में हरेंद्र व उसकी गर्लफ्रेण्ड की फोटो भी थे, इसलिए हीरा मोबाइल सुरक्षित रखे हुए था। दीपावली से एक दिन पहले अहमदाबाद में वह पुलिस के हत्थे चढ़ा तो मोबाइल भी पुलिस को मिल गया। इसमें मोबाइल व्यवसायी वासुदेव इसरानी और सीकर में पूर्व सरपंच सरदार राव की हत्या की साजिश रचने की रिकॉर्डिंग भी थी, जो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बन गई।
हरेंद्र से जांच में खुलासा
सात-आठ महीने तक फरार रहने के दौरान हरेंद्र इंटरनेट कॉलिंग के जरिये लॉरेंस से सम्पर्क में था। दीपावली से एक दिन पहले पुलिस ने उसे गुजरात के गांधीनगर में लॉरेंस के भाई अनमोल के साथ पकड़ा था। उससे कई मोबाइल जब्त किए गए थे। लॉरेंस ने हरेंद्र से कहा था कि मोबाइल तोड़क र फेंक दे, लेकिन हरेन्द्र ने अनदेखी की। हरेंद्र व उसकी गर्लफ्रेण्ड के फोटो मोबाइल में थे, इसलिए वह फेंकना नहीं चाहता था। पुलिस जांच में हरेंद्र से यह खुलासा हुआ था।
पुलिस के पास हथियार
जब वासुदेव की १७ सितम्बर की रात सरदारपुरा सी रोड पर गोली मारकर हत्या की गई थी, तब लॉरेंस विश्नोई सीकर में सरदार राव की हत्या के मामले में एसओजी रिमाण्ड पर था। यही वजह है कि कानूनी दांवपेच के बलबूते पर हत्याकाण्ड में लॉरेंस अपनी भूमिका से इनकार कर रहा है, लेकिन हत्याकाण्ड से पहले लॉरेंस व हरेंद्र के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग से पता चला कि लॉरेंस के इशारे पर ही हत्या की गई थी और उसी ने हरेंद्र तक हथियार भिजवाए थे।
Published on:
09 Jan 2018 10:04 am

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