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MINING-खान विभाग में उच्च स्तर पर आपसी खींचतान, चूना लग रहा सरकार को

- स्वीकृत नहीं हो रहे रॉयल्टी ठेके - जोधपुर जिले में प्रतिदिन हो रहा 3 लाख रुपए का नुकसान
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जोधपुर

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Amit Dave

Jul 07, 2020

MINING-खान विभाग में उच्च स्तर पर आपसी खींचतान, चूना लग रहा सरकार को

MINING-खान विभाग में उच्च स्तर पर आपसी खींचतान, चूना लग रहा सरकार को

जोधपुर।

वैश्विक कोरोना महामारी से एक ओर जहां प्रदेश की आर्थिक स्थिति डगमगा रही है वहीं खान विभाग में उच्च स्तर पर चल रही खींचतान के चलते सरकार को करोड़ों रुपयों की राजस्व हानि हो रही है। खान एवं भूविज्ञान विभाग जोधपुर में आरसीसी ठेका नहीं होने से विभाग को करोड़ों की राजस्व हानि हो रही है। जोधपुर के क्वारी लाइसेंसों से निकलने वाले खनिज पर आरसीसी ठेकेदार द्वारा रॉयल्टी वसूली जाती है, जो वर्तमान में विभाग द्वारा वसूली जा रही है। ठेका हुए लगभग 1 माह का समय गुजर चुका है लेकिन खान विभाग में उच्च स्तर पर चल रही खींचतान के चलते इन ठेकों पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। इस प्रकार प्रदेश के कई जगहों के ठेके सरकार के पास विचाराधीन पड़े है।

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जिले में प्रतिदिन तीन लाख रुपए का नुकसान

आरसीसी ठेकेदार द्वारा रॉयल्टी नहीं वसूलने से जोधपुर जिले में प्रतिदिन करीब तीन लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। वहीं जोधपुर शहर में विभाग को करीब 17.70 लाख रुपए प्रतिदिन राजस्व प्राप्त हो रहा है। यही राशि अगर रॉयल्टी ठेकेदार द्वारा वसूली जाए तो ठेकेदार के प्रतिदिन की किश्त 19.13 लाख आती है। इससे विभाग को प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। पूरे प्रदेश की बात करे तो ऐसे मामलों में सरकार को करोड़ों रुपयों की राजस्व हानि हो रही है।

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निदेशक के अधिकार सीज करने से अटका काम

खान विभाग के मंत्री द्वारा पिछले दिनों आदेश निकालकर विभाग के निदेशक के अधिकार सीज किए गए थे। जिससे निदेशक के अधिकार क्षेत्र वाले कार्य भी रूक गए। जबकि ऐसा आदेश निकालने के लिए मंत्री अधिकृत नहीं है क्योंकि यह सभी अधिकार निदेशक को एमएमसीआर 2017 में दिए गए थे, जो कैबिनेट द्वारा पारित होते है, इस कारण हुए रॉयल्टी ठेकों में विलंब हो रहा है।

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ठेका स्वीकृति के लिए विभाग की ओर से हमने अपने प्रस्ताव निदेशक कार्यालय को भेज रखे है। अब निर्णय वहीं से होगा।

श्रीकृष्ण शर्मा, खनिज अभियंता

जोधपुर

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