
राज्यपाल के अनुमोदन पर स्वीकृत शवदाह गृह टैंडर करने के बाद निगम ने अटकाया
जोधपुर।
कोरोना में जब कोई शवों का अंतिम संस्कार भी करने के लिए भी पास नहीं जा रहा था, तब गैस शवदाह गृहों की उपयोगिता सरकार को समझ आई। इसके बाद राज्यपाल ने जयपुर, जोधपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों में नए गैस शवदाह गृह स्थापित करने के लिए अनुमोदन किए। नगर निगम उत्तर ने इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी। लेकिन अब अचानक से 75 लाख के इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। तीसरी लहर से पहले इसको संचालित करने के निर्देश थे, लेकिन इसको गंभीरता से नहीं लिया है।
नहीं किया स्थान चिह्नित
नगर निगम ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए अब तक स्थान भी चिह्नित नहीं किया है। जबकि तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। प्रदेश की सरकार व राज्यपाल के अनुमोदन में इसे जल्द से जल्द स्थापित करने की बात कही गई है। लेकिन टैंडर प्रक्रिया होने के बाद पुराने टैंडर को कैंसल करने की बात सामने आ रही है।
क्यों अटका यह नहीं पता
अधिशासी अभियंता इलेक्ट्रिक विंग जितेन्द्र चौधरी के अनुसार इस प्रोजेक्ट की रीटेंडर प्रक्रिया की जाएगी। लेकिन ऐसा किस कारण से हुआ नहीं बताया जा रहा।
ओसवाल मोक्षधाम में आया काम
कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान शहर ने भयानक मंजर देखे। ऐसे में ओसवाल मोक्षधाम में लगा गैस शवदाह गृह काम आया। इसको भी निगम अब तक गंभीरता से नहीं ले पा रहा है।
Updated on:
08 Sept 2021 09:16 pm
Published on:
08 Sept 2021 09:16 pm
