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लापरवाही: कंटेनरों के बोझ से वेंटिलेटर पर न्यू रेलवे स्टेडियम

- खेल गतिविधियों की बजाए लाखों रुपयों के स्टेडियम में फैले रहते हैं कंटेनर- स्टेडियम बन गया कंटेनर डिपो
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जोधपुर

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Amit Dave

Nov 13, 2021

लापरवाही: कंटेनरों के बोझ से वेंटिलेटर पर न्यू रेलवे स्टेडियम

लापरवाही: कंटेनरों के बोझ से वेंटिलेटर पर न्यू रेलवे स्टेडियम

जोधपुर।
रेलवे की ओर से कॉनकोर को अस्थाई तौर पर दिया गया भगत की कोठी न्यू रेलवे स्टेडियम कंटेनर डिपो बन गया है। कॉनकोर ने नजदीकी का फ ायदा उठाते हुए इस स्टेडियम की महत्ता को अनदेखा करते हुए इसे कंटेनर लोडिंग-अनलोडिंग का स्थान बना दिया है। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की बजाए स्टेडियम मैदान पर भारी भरकम कंटेनरों ने कब्जा जमा रखा है। इससे लाखों रुपयों की लागत से बनाया स्टेडियम कंटेनरों के बोझ से वेंटिलेटर पर चल रहा है।
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एम्स जाने का प्रमुख रास्ता, बना रहता है दुर्घटना का खतरा
क्षेत्र के स्थानीय लोगों ने स्टेडियम रोड जो डिस्कॉम, डीजल शेड होते हुए एम्स तक जाती है। इसे देखते हुए कंटेनर डिपो को यहां से हटाने या अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग कर चुके है। गौरतलब है कि एम्स अस्पताल जाने वाले अधिकांश लोग इसी रोड से गुजरते है, ऐसे में कंटेनरों, टेंकरों की भीड़ की वजह से यहां दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है, और कई इस वजह से दुर्घटनाएं हो भी चुकी है।
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जोधपुर से बड़ी संख्या में निर्यात होते है कंटेनर
जोधपुर से हैण्डीक्राफ्ट सहित अन्य उत्पादों के कंटेनर बड़ी मात्रा में निर्यात के लिए यहां से गुजरात के मुन्द्रा पोर्ट जाते है। इनमें केवल हैण्डीक्राफ्ट उत्पादों के करीब 20 से 25 हजार कंटेनर सालाना निर्यात होते है। रेलवे कॉनकोर के अलावा थार ड्राई पोर्ट व राजसिको के कंटेनर डिपो से भी कंटेनर भेजे जाते है। ऐसे में इन कंटेनरों के लोडिंग-अनलोडिंग के लिए रेलवे को उचित व स्थाई व्यवस्था करने की जरुरत है, जो औद्योगिक संगठनों की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही है। लेकिन रेलवे की ओर से अभी तक इसका स्थाई समाधान नहीं किया गया है।
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खेलप्रेमी नाराज
2005 में रेलवे की ग्रुप डी में भर्ती के लिए हजारों अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता मापने के लिए भगत की कोठी क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर बने डम्पिंग स्टेशन को साफ करवाकर मैदान बनाया गया था। पिछले लंबे समय स्टेडियम के कंटेनर डिपो बन जाने व खेल गतिविधियां बाधित होन से खेलप्रेमियों में नाराजगी है।
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कंटेनर लोडिंग-अनलोडिंग एक ज्वलंत मुद्दा है। कॉनकोर को अस्थाई तौर पर रेलवे स्टेडियम दिया गया था। अब कितना समय बाकी है, इसकी समीक्षा की जाएगी। वहीं कॉनकोर को कंटेनर लोडिंग-अनलोडिंग के लिए सालावास या अन्य स्थान पर स्थाई जगह के लिए व्यवस्था करने को कहा जाएगा।
गीतिका पाण्डेय, मण्डल रेल प्रबंधक
जोधपुर
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