
नई रोड स्वीपिंग मशीन ठंडे बस्ते में, पुरानी करेगी सफाई
जोधपुर. कभी स्वच्छ भारत मिशन तो कभी स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर शहर को सफाई के बड़े-बड़े ख्वाब दिखाने वाले नगर निगम ने अपनी पुरानी रोड स्वीपिंग मशीन पुरानी ठेका फर्म से ठीक करवाई है। इसकी वजह नगर निगम में बजट का अभाव बताया जा रहा है। नगर निगम ने गत अक्टूबर माह में नई रोड स्वीपिंग मशीन के ख्वाब दिखाए थे।
दरअसल, नगर निगम ने जोधपुर में भी धुआं व डस्ट को देखते हुए दिल्ली की तर्ज पर पानी के छिडक़ाव के साथ स्वीपिंग मशीन के इस्तेमाल करने की बात कही थी। गत वर्ष अक्टूबर माह में मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन लाने की योजना बनाई थी। इस मशीन पर सालाना 4 करोड़ रुपए 20 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान था। इसके लिए टेक्निकल बिड खोली गई। 3 वर्षों में मशीन पर 12 करोड़ 60 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान था। लेकिन निगम के हाथ तंग होने के कारण पुरानी रोड स्वीपिंग मशीन को ही ठीक कराने के साथ निरीक्षण के लिए स्टाफ भी लगाया है। ये मशीन लंबे समय से नागौरी गेट स्थित निगम के अग्निशमन कार्यालय में पड़ी थी। जिसको अब गत पांच सालों से चलाने वाली नई दिल्ली की एक फर्म ने रिपेयर करवाकर दी है।
नई मशीन आती तो ये होता फायदा
प्रदेश में जयपुर के बाद सर्वाधिक प्रदूषण जोधपुर में है। शहर में स्टोन कटर व पत्थर खदानों से ऐसी डस्ट उड़ती है जिनके कण हवा में रहते हैं और जो धरातल तक नहीं आते। ये स्वास्थ्य के लिए भी घातक है। इस मशीन की खासियत है कि इसमें सफाई के दौरान जरा सी भी रेत नहीं उड़ती है। इसमें 10 ट्रेक्टर व 1 रोड स्वीपर साथ होता है। मशीन अत्याधुनिक सुविधाओं से भी सुसज्जित है।
इनका कहना
नई मशीन आने वाली थी, लेकिन आई नहीं। वैसे हमारे पास एक रोड स्वीपर मशीन है, जिसको ठीक कराया गया है। थोड़ा बजट को लेकर भी सोचा गया।
- संपत्त मेघवाल, एसई, नगर निगम
Published on:
13 Feb 2019 08:19 pm
