
फायर सेफ्टी उपकरणों के बिना नहीं जाएगी कोई ट्रेन
जोधपुर।
रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा अभियान चलाने का कदम उठाया है। रेलवे ने हाल ही में टे्रनों में आग की घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे सहित देश के सभी 17 जोनों को ट्रेनों में आग लगने के कारणों व आग का रूप लेने से बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए है। उत्तर पश्चिम रेलवे बोर्ड की प्रधान मुख्य सुरक्षा अधिकारी अरुणासिंह ने उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर सहित सभी मण्डलों के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, संचालन, वाणिज्यिक, इंजीनियरिंग व रेलवे में आगजनी की रोकथाम करने वाले सुरक्षा-संरक्षा विभाग के सुपरवाइजर्स को ट्रेनों के संचालन में सुरक्षा प्रबन्धों पर जोर देने के निर्देश दिए है।
---
हर प्रकार के कोच में अग्निशमन उपकरण होने जरूरी
रेलवे ने टे्रनों के आइसीएफ, एलएचबी, एसी, टीएल सहित हर प्रकार के कोच व पेन्ट्री कार में फायर सेफ्टी उपकरण लगाने पर जोर दिया है। इसके अलावा, लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोच वाली ट्रेन के पावर कार में फायर सेफ्टी उपकरण होने जरूरी होंगे क्योंकि एलएचबी कोच वाली ट्रेन में दो पावर कार लगे होते है, ये हल्के होते है, इनमें बैटरी नहीं होती है। एलएचबी कोच में रोशनी के लिए पावर कार जोड़ते है।
--
इनकी पालना सुनिश्चित करने पर जोर
- आग से बचाव के लिए इंजन का रखरखाव व परीक्षण सुनिश्चित करना।
- आरपीएफ जवानों को स्टेशन पर खड़ी ट्रेन व चलती ट्रेन में कड़ी निगरानी रखने।
- रेलवे स्टेशन, सब स्टेशनों, रेलवे डिपो, रेलवे यार्ड, रेलवे स्टोर, पार्सल ऑफिस सहित रेलवे के विभिन्न कार्यालयों में अग्निशमन उपकरणों की सुनिश्चिता पर जोर।
--
जांच रिपोर्ट भेजनी होगी
उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी मण्डलों के संबंधित अधिकारी टे्रनों में फायर सेफ्टी उपकरणों, उनके ऑपरेशन आदि की जांच करेंगे। साथ ही, निरीक्षण के दौरान कमियां या खामियां पाए जाने पर की जाने वाली कार्यवाही सहित पूरी जांच रिपोर्ट निर्धारित फॉर्मेट में मुख्यालय को भेजनी होगी। वर्तमान में यह जांच रिपोर्ट २१ दिनों अर्थात 30 मार्च से 20 अप्रेल तक बनाकर भेजनी होगी।
---
23 मार्च को जम्मूतवी के इंजन में लगी थी आग
दो सप्ताह पूर्व अहमदाबाद से जम्मूतवी जाने वाली जम्मूतवी एक्सप्रेस के इंजन में फ ालना और मारवाड़ जंक्शन के बीच रानी स्टेशन के पास आग लगी थी। इंजन में आग के धुएं को देखकर यात्रियों ने शोर मचाया था। बाद में, दूसरा इंजन लगाया गया और गाड़ी को रवाना किया गया। इससे गाड़ी लगभग ढाई घंटे की देरी से रवाना हुई थी।
--
यात्री भी यह कदम उठा सकते है
- कहीं भी ट्रेन में शॉर्ट सर्किट दिखाई देने पर रेलवे कर्मचारी या अधिकारियों को सूचित करे।
- यात्रा के दौरान अपने साथ कोई भी ज्वलनशील पदार्थ लेकर यात्रा नहीं करे।
- यात्रा के दौरान धूम्रपान नहीं करे।
- किसी प्रकार की असमानता या संदेह होने पर आरपीएफ व जीआरपी को सूचित करे।
- किसी प्रकार की चिंगारी या आग लगने पर तुरंत गाड़ी को खड़ी करने के लिए जंजीर खींचे व रेलवे कर्मचारियों को सूचित करे।
Published on:
13 Apr 2019 09:32 pm
