तमिलनाडू में एक अभ्यर्थी के सुसाइड करने से ट्विटर पर ‘बेननीट’ करने लगा ट्रेंड

- मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कोविड से जुड़ा एक भी सवाल नहीं
- नीट का पर्चा आसान रहा, कट ऑफ अधिक रहने की संभावना

By: Jay Kumar

Published: 13 Sep 2021, 10:57 AM IST

जोधपुर. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से रविवार को देशभर में मेडिकल कॉलेज के स्नातक पाठ्यक्रम (एमबीबीएस) की प्रवेश परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (नीट-2021) का आयोजन किया गया। प्रश्नपत्र काफी आसान रहा। विशेषकर बायोलॉजी में आसान प्रश्न पूछे गए। फिजिक्स में कुछ लेंदी सवाल जरूर थे लेकिन ओवरऑल पेपर आसान रहने से कट ऑफ अधिक रहने की संभावना है। उधर, अधिकांश अभ्यर्थियों के उम्मीद के विपरीत प्रश्न पत्र में कोविड-19 से संबंधित एक भी प्रश्न नहीं पूछा गया, जबकि कुछ समय पहले ही हुई एनएलयू की प्रवेश परीक्षा क्लेट-२०२१ में कोविड-19 से संबंध में कई प्रश्न आए थे।

नेट परीक्षा ऑफलाइन (पेपर-पेन मोड ) थी। जोधपुर में परीक्षा के लिए ४३ परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां करीब 15 हजार परीक्षार्थी बैठे। परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई। परीक्षा देकर बाहर आए विद्यार्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र काफी आसान था। जो विद्यार्थी कठिन और जटिल तैयारी करके गए थे उनकी तुलना में बेसिक जानकारी रखने वाले विद्यार्थी आसानी से निकल जाएंगे। पिछले साल के प्रश्न पत्र में इस बार लगभग 5 प्रतिशत प्रश्न ही रिपीट किए गए।

परीक्षा केंद्रों पर गहने निकलवाए, लंबी आस्तीन काटी
एनटीए ने परीक्षा केंद्र पर महिलाओं के गहने, सैंडल, बैग, जूते, लंबी आस्तीन की कमीज को बैन किया था। इसके बावजूद कई छात्र-छात्राएं लंबी आस्तीन की कमीज व कुर्ता पहनकर आ गए। परीक्षा केंद्रों पर कैंची से उनकी आस्तीन काटी गई। ग्रामीण तबके के कुछ छात्रों के कान में लूंग पहने होने से उन्हें परीक्षा केंद्र के बाहर यह उतारकर जाना पड़ा। यह कैसी गफलत...पेपर मिलने के बाद मालूम चला कि परीक्षा केन्द्र ही दूसरा है

सांचौर से आई एक छात्रा का परीक्षा केंद्र गंगाणा स्थित जीएस जांगिड़ स्कूल था। इसी मार्ग पर स्थित लेडी पिलर कान्वेंट स्कूल के पास भी जीएस जांगिड़ स्कूल का बोर्ड लगा हुआ था। छात्रा गफलत में लेडी पिलर स्कूल परीक्षा केंद्र में चली गई। स्कूल वालों ने भी गेट पर उसका प्रवेश पत्र ढंग से नहीं जांचा। परीक्षा कक्ष के अंदर जाकर बैठने के बाद ओएमआर शीट दे दी गई। हिंदी/अंग्रेजी मीडियम की गलफत हुई तो वीक्षक ने बताया कि यह उसका परीक्षा केंद्र नहीं है। तब तक दोपहर १.२५ हो चुके थे। छात्रा जैसे-तैसे १.३५ पर जीएस जांगिड़ स्कूल पहुुंच गई लेकिन उसने दरवाजे बंद कर दिए। छात्रा के लाख समझाने के बावजूद दरवाजे नहंी खोले और वह परीक्षा देने से चूक गई।

ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा बेननीट
परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले तमिलनाडु के सेलम में एक अभ्यर्थी ने अपने घर में आत्महत्या कर ली। वह तीसरी बार नीट देने जा रहा था लेकिन परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने के डर से उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इसके बाद ट्विटर पर बेननीट ट्रेंड करने लगा। छात्र-छात्राओं और शिक्षाविदों ने कई ट्विट किए।

Jay Kumar
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