
जोधपुर. कोरोना संक्रमण की जांच के लिए पूर्व में मात्र एक सहारा था आरटीपीसीआर टेस्ट। जिसके नेगेटिव व पॉजिटिव आंकलन से संक्र मित है या नहीं, देखा जाता। लेकिन बाद में सीटी स्कैन जांच के जरिए कोरोना के स्कोर का पता लगाया जाने लगा। वहीं अब इन टेस्ट के अलावा लोग कई अन्य टेस्ट के जरिए कोरोना के बारे में पता लगाते हैं। इसमें मुख्य ब्लड के टेस्ट तक शामिल हैं। हालांकि चिकित्सकों की राय है कि ज्यादा तबीयत खराब होने पर ही संक्रमितों को टेस्ट करवाए जाने चाहिए। बगैर चिकित्सक के परामर्श के टेस्ट नहीं करवाए।
ये टेस्ट करवाए जा रहे
1. सीआरपी टेस्ट
सी रिएक्टिव प्रोटीन टेस्ट, इस टेस्ट के जरिए खून के लेवल के अंदर सीआरपी का पता किया जाता है, ये लेवल जितना ज्यादा होगा, सूजन उतनी ज्यादा होगी। जबकि ये टेस्ट मल्टीपल बीमारियों में ज्यादा किया जाता है।
2. डी-डीमर टेस्ट
कोरोना वायरस शरीर में फेफड़ों पर हमला कर खून के थक्के जमाने लगता है। शरीर में रक्त का थक्का घुलने आदि की समस्या को देखने के लिए डी-डीमर टेस्ट होता है।
3. एलडीएच
लेक्टेट डि हाइड्रोजनेज टेस्ट लीवर, गुर्दे व सहित अन्य प्रभावों को देखने के लिए किया जाता है। सभी वायरल बीमारी में भी चिकित्सक इसका टेस्ट लिखते हैं।
4. फेरेटिन टेस्ट
ये खून में आयरन की कमी जानने के लिए किया जाता है।
5. आइएल-6
इंटर ल्यूकेन 6 टेस्ट बॉडी में संक्रमण फैलने पर खूब सारे फैक्टर जाने के लिए टेस्ट की सलाह देते है। शरीर में चल रही आपसी लड़ाई को भी उजागर करता है।
6. सीबीसी
काउंट ब्लड सेल टेस्ट शरीर में प्लेटलेट्स, व्हाइट ब्लड सेल सहित रक्त की अन्य जांच करता है। व्हाइट ब्लड सेल की मात्रा से इंफेक्शन का पता चलता है।
इनका कहना है..़..
कोरोना में जरूरी नहीं कि ये सभी टेस्ट करवाएं। कोई बहुत ज्यादा बीमार है तो ये टेस्ट करवा सकते है। डॉक्टर्स के राय बिना टेस्ट नहीं करवाया जाना चाहिए।
- डॉ. नवीन किशोरिया, सीनियर प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
Published on:
07 Apr 2021 10:00 pm
