
RAILWAY---अब अफसरों के नाम से नहीं मिलेंगे अवार्ड
जोधपुर।
रेलवे ने अपने कर्मचारियों को अवार्ड देने की अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही रिवायत में बदलाव किया है। देशभर के रेलवे कर्मचारियों को अब अफसरों के नाम से अवार्ड्स नहीं दिए जाएंगे। रेलवे बोर्ड ने अधिकारियों और कर्मचारियों को हर साल मिलने वाले अवार्ड के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब जीएम और डीआरएम आदि पदनाम वाले अवार्डो को समाप्त कर दिया गया है। नए नियमों में बोर्ड ने डीआरएम अवार्ड का नाम बदलकर रेल सेवा पुरस्कार कर दिया है। इसी तरह जीएम अवार्ड भी अब विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार के नाम से जाना जाएगा। वहीं रेलवे ने पुरस्कृत होने के लिए कर्मचारियों को खुद आवेदन करना होगा। यह नियम इसी वित्तीय वर्ष से लागू होंगे।
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रेलकर्मी को अवार्ड के लिए 31 जनवरी तक करना होगा आवेदन
पुरस्कृत होने के लिए कर्मचारियों को अगले साल से अपने उल्लेखनीय कार्यों के साथ 31 जनवरी तक आवेदन करना होगा। नोटिफिकेशन 1 जनवरी को जारी होगा। एक स्क्रीनिंग कमेटी आवेदनों की जांच कर कर्मचारियों को पुरस्कृत करने का निर्णय लेगी। पारदर्शिता के लिए कर्मचारियों के कार्य को सार्वजनिक भी किया जाएगा। कमेटी को 15 मार्च तक पुरस्कृत होने वाले कर्मचारी के नाम शॉर्टलिस्ट करने होंगे
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नहीं मिलेगी नगद राशि
नए नियमों में अब किसी भी कर्मचारी को इनाम में नगद राशि नहीं दी जाएगी। पुरस्कार के रूप में अधिकारियों और कर्मचारियों को अब केवल मेडल और सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। आवेदन के बाद पुरस्कृत होने वाले कर्मचारियों की सूची हर साल अप्रेल माह में जारी होगी। नए नियमों में बोर्ड ने अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार के लिए सभी जोनों का कोटा भी तय किया है।
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इन श्रेणियों में होंगे पुरस्कृत
कर्मचारियों को नए इनोवेशन, कम खर्च में उत्पादन बढ़ाने, अपनी जान जोखिम में डाल दूसरों का जीवन बचाने, रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, रेलवे की आय बढ़ाने के प्रयास, बिना टिकट सफर रोकने, सुरक्षा बढ़ाने, बेहतर रखरखाव संपत्ति का अधिकतम उपयोग, परियोजना को रिकॉर्ड समय में पूरा करने सहित सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा
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Published on:
10 May 2023 06:58 pm
