
अब प्राइवेट कॉलेजों के शिक्षकों का डाटा आधार से लिंक
जोधपुर. निजी विश्वविद्यालयों और निजी महाविद्यालयों के शिक्षकों का डाटा अब सरकार आधार से लिंक करने जा रही है। केंद्र व राज्य सरकार ने निजी महाविद्यालयों के शिक्षकों का आधार कार्ड नंबर मांगा है। इसके बाद कोई भी शिक्षक एक से अधिक महाविद्यालय में नौकरी नहीं कर पाएगा।
वर्तमान में प्रदेश में कार्यरत करीब 10 फ़ीसदी शिक्षकों का नाम दो से तीन महाविद्यालय की फाइलों में है। शिक्षक एक ही जगह पढ़ाता है लेकिन अन्य संस्थान उसके नाम व दस्तावेजों का उपयोग करके फर्जीवाड़े से मान्यता प्राप्त कर लेते हैं। इससे शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित होती है। सरकार को इस बारे में जानकारी मिलने पर अब सभी शिक्षकों का ब्यौरा आधार नंबर के साथ रखा जाएगा, जिसके बाद इस फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकेगी। इससे आने वाले समय में कुछ महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के ताला लगने का खतरा भी मंडरा रहा है।
सरकार के पास शिक्षकों की कमी, निजी में नहीं
केंद्र व राज्य स्तर पर संचालित हो रहे सरकारी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों के कई पद खाली मिलते हैं लेकिन निजी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों की कोई कमी नहीं रहती है। निजी दस्तावेजों द्वारा कागजों में शिक्षकों को बताने पर कई छात्र-छात्राएं धोखे में आकर वहां प्रवेश ले लेते हैं और पढ़ाई नहीं होने पर पछताते हैं।
पकड़ में आएंगे फर्जी शिक्षक
सरकार के पास शिक्षकों के आधार नम्बर होने पर कम्प्यूटर में संबंधित शिक्षक को आधार नम्बर डालते ही पता चल जाएगा कि वह कितने संस्थानों में कार्यरत है। इसके बाद उसे ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।
Published on:
13 Jan 2021 11:17 am
