
जोधपुर को चाहिए अलग से नर्सिंग निदेशालय...मांग के समर्थन में काली पट्टी बांध काम पर आए नर्सिंगकर्मी
जोधपुर. केंद्र के समान वेतन-भत्ते देने की मांग सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत तीन हजार के करीब नर्सिंगकर्मी गुरुवार को काली पट्टी बांधकर काम पर आए। नर्सिंगकर्मियों ने मांगे नहीं माने जाने पर गांधीवादी तरीके से हड़ताल की चेतावनी दी है।
राजस्थान नर्सेज संघर्ष समिति तथा राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन जोधपुर शहर के आह्वान पर नर्सिंग स्टाफ ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को काली पट्टी बांधकर काम पर आए। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन जोधपुर शहर के अध्यक्ष जगदीशा जाट ने बताया कि नर्सिंगकर्मियों ने मांग पत्र पर अमल करवाने के लिए आंदोलन को गति देने की कार्ययोजना पर मंथन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानी तो गांधीवादी तरीके से हड़ताल पर चले जाएंगे।
कामकाज प्रभावित नहीं
मथुरादास माथुर अस्पताल, महात्मा गांधी अस्पताल, उम्मेद जनाना अस्पताल, पावटा, मंडोर, प्रतापगनर, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड अस्पताल सहित शहर के सरकारी अस्पतालों में लगे नर्स-कम्माउंडर काली पट्टी बांधकर ड्यूटी पर आए। कामकाज प्रभावित नहीं होने दिया। आंदोलनरत नर्सिंगकर्मियों का कहना है कि हम कोशिश कर रहे हैं कि हमारी आंदोलन की वजह से मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो।
ये हैं 13 प्रमुख मांगें
- जोधपुर में अलग से नर्सिंग निदेशालय।
- नर्सिंग कैडर का पुनर्गठन।
- केंद्र के समान वेतन-भत्ते।
- सविंदा-युटीबी सेवा से नियमित कर्मियों के सेवाकाल में जुड़े संविदा सेवा काल।
- टाइम बाउंड डीपीसी हो।
- निविदा संविदा पर भर्ती बंद करके पूर्व में लगे कर्मियो को नियमित किया जाए।
- ट्रांसफर से बैन हटे और समस्त संभाग से ट्रांसफर हो।
- सविंदा-यूटीबी पर लगे कर्मियों का वेतन 37800 रुपए किया जाए।
- नर्सिंग संवर्ग का ड्रेस कोड बदला जाए।
- सेवारत नर्सिंग अधिकारियों को उच्च अध्ययन के लिए डॉक्टर की भांति स्टडी लीव व इन्क्रीमेंट।
- नर्सिंग अधिकारी, सीनियर नर्सिंग अधिकारी और नर्सिंग ट्यूटर्स राजपत्रित हो।
- मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कर्मियो के लिए संख्या अनुसार आवास बनवाए जाए।
- नर्सिंग भर्ती 2023 आचार संहिता से पहले पूर्ण हो।
Published on:
27 Jul 2023 07:22 pm
