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ट्रैक्टर पर सवार होकर मौके पर जाना पड़ा एसडीएम को

बाप (जोधपुर). कानासर पंचायत के कई गांवों तक पहुंचने के लिए पक्की सडक़ें नहीं हैं। ग्रामीण तो इससे लंबे समय से परेशान थे, गुरुवार को उपखंड अधिकारी राजलक्ष्मी गहलोत को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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On the tractor, the SDM had to go on the spot

ट्रैक्टर पर सवार होकर मौके पर जाना पड़ा एसडीएम को

बाप (जोधपुर). कानासर पंचायत के कई गांवों तक पहुंचने के लिए पक्की सडक़ें नहीं हैं। ग्रामीण तो इससे लंबे समय से परेशान थे, गुरुवार को उपखंड अधिकारी राजलक्ष्मी गहलोत को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।


हुआ यूं कि सुबह उपखंड अधिकारी राजलक्ष्मी अपनी टीम के साथ कानासर ग्राम पंचायत के मेवा, जोरावरनगर, विश्नोइयों की ढाणी, मजरूपनगर, चौखाणियों की ढाणी, गुमनाणियों की ढाणी आदि गांव में श्मशान भूमि आरक्षित करवाने के लिए मौका देखने के लिए रवाना हुई।

कानासर से थोड़ी दूर पर उपखण्ड अधिकारी को बताया गया कि आगे पक्की सडक़ नहीं होने के कारण रास्ता टे्रक्टर से तय करना पड़ेगा। उसके बाद वहां ट्रैक्टर मंगवाया और उपखंड अधिकारी राजलक्ष्मी गहलोत, भू-अभिलेख निरीक्षक जेठाराम, पटवारी विवेक कुमार, कानासर सरपंच बबीता गोदारा इन सभी गांव में मौके पर पहुंचे और श्मशान भूमि आरक्षित करने के लिए मौका निरीक्षण किया।

क्रय-विक्रय सहकारी समिति बाप चेयरमैन हजारीराम गोदारा ने बताया कि कानासर पंचायत कई किमी क्षेत्रफल में फैली हुई है। राजस्व गांवों तक पहुंचने के लिए पक्की सडक़ें नहीं है।

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