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जोधपुर के एक चौथाई पानी को बिना ट्रीट हुए ही सीधे नदी में डाला जा रहा, 4 लाख की आबादी तक पहुंचा नहीं सीवरेज सिस्टम

शहर में प्रति व्यक्ति एक दिन में औसतन 120 लीटर पानी सीवर लाइन में बहा देता है। इसी सीवरेज सिस्टम को मजबूत करने के लिए करीब तीन वर्ष पहले 150 करोड़ रुपए की अमृत योजना लागू की गई।
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one fourth of water is flowing without treatment in rivers of jodhpur

जोधपुर के एक चौथाई पानी को बिना ट्रीट हुए ही सीधे नदी में डाला जा रहा, 4 लाख की आबादी तक पहुंचा नहीं सीवरेज सिस्टम

अविनाश केवलिया/जोधपुर. शहर में प्रति व्यक्ति एक दिन में औसतन 120 लीटर पानी सीवर लाइन में बहा देता है। इसी सीवरेज सिस्टम को मजबूत करने के लिए करीब तीन वर्ष पहले 150 करोड़ रुपए की अमृत योजना लागू की गई। यह योजना अब तक पूरी नहीं हुई। इसमें कई सीवरेज लाइन को दुरुस्त किया गया। इसके बावजूद सीवरेज में उत्सर्जित गंदे पानी का एक चौथाई हिस्सा बिना ट्रीट किए नदी में बहाया जा रहा है। खास बात कि शहर की करीब 4 लाख की आबादी अब तक सीवरेज लाइनों से जुड़ी ही नहीं है। ऐसे में यहां का पानी भी सीधे नदी में जा रहा है। सीवरेज लाइनों के जरिये एकत्र एक चौथाई दूषित पानी बिना ट्रीट किए ही छोडऩा पड़ रहा है।

सीवरेज प्लांट की स्थिति
- 50 एमएलडी सालावास सीवरेज प्लांट प्रथम चरण
- 50 एमएलडी सालावास सीवरेज प्लांट द्वितीय चरण
- 20 एमएलडी नान्दड़ी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
- 40 एमएलडी का निर्माणाधीन बासनी बेंदा में प्लांट

दूषित पानी की स्थिति
- 120 एमएलडी कुल पानी सीवरेज सिस्टम के जरिये आता है।
- 90 एमएलडी प्लांट तक पहुंचता है।
- 30 एमएलडी से अधिक पानी बिना ट्रीट किए नदी में जाता है।
- 4 लाख की आबादी का करीब 30 एमएलडी पानी सीवरेज सिस्टम से जुड़ा ही नहीं।

प्लांट पूरा होगा तो रुकेगा पानी
बासनी बेंदा में निर्माणाधीन प्लांट का काम पूरा होगा तो करीब 40 एमएलडी पानी को नदी में जाने से रोका जा सकेगा। इसके लिए सरकार ने हाल ही में 9 करोड़ की राशि जारी की है। इसके बाद पिछले छह माह से अधिक समय से बंद पड़ा प्लांट का निर्माण कार्य शुरू फिर से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि इसके निर्माण के लिए कुल 49 करोड़ की राशि की जरूरत है।

अभी 4 लाख की आबादी तक पहुंचना है सीवरेज सिस्टम
नगर निगम क्षेत्र की करीब 10-11 लाख की आबादी को सीवरेज लाइनों से जोड़ा गया है। लेकिन निगम क्षेत्र में ही कई मोहल्ले व कॉलोनियों के साथ जेडीए क्षेत्र के कई मोहल्ले जो शहरी सीमा में आते हैं वहां अभी तक सीवरेज लाइन नहीं पहुंच पाई है। ऐसी करीब 4 लाख से अधिक आबादी है जहां का दूषित पानी बिना ट्रीट हुए ही जा रहा है। ्र

इनका कहना है
बासनी बेंदा ट्रीटमेंट प्लांट के लिए बजट मिलना शुरू हो गया है। यह प्लांट शुरू होने के बाद नदी में बिना उपचारित पानी जाना बंद हो जाएग़्ाा।
- सुरेश कुमार ओला, आयुक्त, नगर निगम जोधपुर

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