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हर साल रुलाने वाला प्याज इस बार लाया किसानों के चेहरे पर मुस्कान

- नासिक व दूसरे प्रदेशों में प्याज की फसल खराब होने से दाम बढ़े
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हर साल रुलाने वाला प्याज इस बार लाया किसानों के चेहरे पर मुस्कान

हर साल रुलाने वाला प्याज इस बार लाया किसानों के चेहरे पर मुस्कान

जोधपुर. हर साल रुलाने वाला प्याज इस बार किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर रहा है। लगभग दस साल बाद किसानों को प्याज के दाम लागत मूल्य से भी दोगुने मिल रहे हैं। अभी प्याज खेत से १६ से १८ रुपए किलो बिक रहा है। प्याज की फसल निकलने के साथ ही बढऩा शुरू हुए दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसके पीछे नासिक व अन्य प्रदशों में इस बार प्याज की फसल खराब होने को बड़ा कारण माना जा रहा है।

जिले में बापिणी, ओसियां, आऊ, बावड़ी व तिंवरी क्षेत्र में करीब १७ हजार हैक्टेयर भूमि में लगभग ३० हजार किसान प्याज की खेती करते हैं। एक हैक्टेयर में करीब २२० क्विंटल प्याज का उत्पादन होता है। इस बार जिले में करीब ३.७० लाख मैट्रिक टन प्याज का उत्पादन हुआ है।

हर साल मिलते हैं मात्र ५ से ७ रुपए के भाव
किसानों को हर साल प्याज निकलने के दौरान ५ से ७ रुपए किलो के दाम ही मिलते है। इस बार प्याज निकलते ही १० से १२ रुपए के दाम मिले। किसानों ने दाम बढऩे के कारण प्याज का भंडारण कर लिया। किसानों को अब १६ से १८ रुपए किलो के दाम मिल रहे हैं।

कई साल बाद मिला मुनाफा
इस साल प्याज की फसल मुनाफा दे रही है। प्याज की लागत प्रतिकिलो ८ से १० रुपए प्रति किलो तक आ जाती है। इस बार लागत से ज्यादा दाम मिल रहे हंैं।
-राजूराम गोदारा प्रगतिशील किसान, भीमसागर

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