
Online gaming Gang : ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में फ्रॉड गैंग पकड़ी
जोधपुर।
रातानाडा थाना पुलिस (Police station Ratanada) ने शिव मंदिर (Shiv temple) रोड पर होटल (Hotel) में दबिश देकर ऑनलाइन गेमिंग (Online gaming) की आड़ में ठगी करने वाले गिरोह (Fraud gang caught of online gaming) का खुलासा कर तीन युवकों को गिरफ्तार किया। एक अन्य युवक फरार हो गया। इनकी एक कार से अफीम का दूध भी जब्त किया गया। राजस्थान में ऑनलाइन गेमिंग की आड़ धोखाधड़ी व आइटी एक्ट (IT act) का यह संभवत: पहला मामला है।
थानाधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि शिव मंदिर रोड पर होटल में कुछ युवकों के अवैध गतिविधियों में लिप्त होने की सूचना पर दबिश दी गई। एक कमरे से तीन युवकों को हिरासत में लिया गया। एक अन्य युवक भाग गया। होटल के बाहर कार से अफीम का 24 ग्राम दूध जब्त किया गया। यह कार मनीष खिलेरी की बताई जाती है। एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर चाखू थानान्तर्गत मोटाई गांव निवासी दिनेश पुत्र रामनिवास बिश्नोई, लोहावट के पास हंसादेश निवासी सुरेश पुत्र बाबूलाल बिश्नोई और नोखड़ा चारणान निवासी कृष्ण कुमार पुत्र सहीराम बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया। जिन्हें जमानत मुचलके पर रिहा किया गया। विक्रम बिश्नोई मौके से फरार हो गया।
23 मोबाइल व लाखों रुपए का हिसाब जब्त
पुलिस का कहना है कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में ठगी कर रहे हैं। यह गिरोह केवाइसी स्वीकृत बैंक खाते का इस्तेमाल करते हैं। उसमें खुद का मोबाइल नम्बर लिंक करवाते हैं। तत्पश्चात ऑनलाइन गेमिंग ऐप डाउनलोड कर विभिन्न गेम खेलते हैं। विभिन्न तरह के मर्चेन्ट से रुपए का लेन-देन होता है। रुपए जीतने पर बैंक खाते में रुपए रिफण्ड होते हैं। आरोपियों से दस-बारह लाख रुपए का हिसाब जब्त किया गया है।एनडीपीएस एक्ट में जमानत पर छोड़ने के बाद पुलिस ने दिनेश, सुरेश व कृष्ण कुमार को धोखाधड़ी व आइटी एक्ट की धाराओं में गिरफ्तार किया।
डबल रिफण्ड लेकर करते हैं ठगी
ठग गिरोह गेम जीतने पर मिलने वाली राशि खाते में जमा होने के बाद पुलिस के नाम एक फर्जी शिकायत ऑनलाइन गेमिंग ऐप को भेजते हैं। जिसमें रिफण्ड खाते में जमा न होने और उसकी शिकायत पुलिस में किए जाने का उल्लेख होता है। जबकि रुपए पहले से खाते में जमा हो चुके होते हैं। शिकायत पर भरोसा करके इनको गेम जीतने की राशि का दुबारा भुगतान हो जाता है।
Published on:
11 Oct 2022 01:02 am
