
शहर के 20 अस्पतालों में केवल 3 वेंटीलेटर बेड खाली
जोधपुर. कोविड से निपटने के लिए शहर में युद्ध स्तर पर प्रयास चल रहे हैं। दो वेलनेस सेंटर सहित शहर के 20 अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज किया जा रहा है लेकिन बढ़ते संक्रमण की वजह से अस्पतालों में नो बेड जैसी स्थिति बार-बार आ रही है। बुधवार शाम के डाटा के अनुसार जोधपुर में आईसीयू में वेंटीलेटर के मात्र 3 बेड खाली थे। इसमें दो एमडीएम अस्पताल और एक चंद्रा मंगल अस्पताल में था। ऑक्सीजन के 42 बेड खाली थे। इसमें बोरानाडा स्थित कोविड सेंटर को मिला लें तो ऑक्सीजन बेड की उपलब्धता 162 थी।
20 में से 14 अस्पताल में ऑक्सीजन बेड नहीं
मिलिट्री अस्पताल, रेलवे अस्पताल, पावटा जिला अस्पताल, महात्मा गांधी अस्पताल के अलावा निजी क्षेत्र में डऊकिया, कमला नगर अस्पताल, मारवाड़ हॉस्पीटल, मेडिसिटी हॉस्पीटल, मेडिपल्स, श्रीराम हॉस्पीटल, श्रीराम हॉस्पीटल बनाड़, श्रीराम हॉस्पीटल महामंदिर, वसुंधरा अस्पताल और यश अमन अस्पताल में ऑक्सीजन का एक भी बेड खाली नहीं था। एम्स में केवल 2 बेड और मथुरादास माथुर अस्पताल में 19 बेड खाली थे। जिला प्रशासन की ओर जेईसीआरसी बोरानाडा में 172 ऑक्सीजन बेड लगाए गए हैं। जिसमें से 120 खाली है। 2एस वेलसेंटर सेंटर के 12 में से 6 बेड खाली हैं।
निजी अस्पताल में 38, सरकारी में 106 सामान्य बेड खाली
सरकार ने बड़े अस्पतालों को कोविड सेंटर में बदल दिया। ऐसे में वहां सामान्य बेड की संख्या कम हो गई। वर्तमान में इन 20 अस्पतालों में 383 सामान्य बेड है जिसमं से 239 भरे हुए हैं और 144 खाली है। सरकारी अस्पतालों में 106 और निजी अस्पताल में 38 सामान्य बेड खाली है।
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शहर के अस्पतालों में बेड की स्थिति
अस्पताल --------ऑक्सीजन बेड---भरे हुए-----वेंटिलेटर आईसीयू---भरे हुए
1 एम्स ------------ 120 ---118 ---------- 70---70
2 एमजीएच --------- 420 ---420 --------- 43 ---43
3 एमडीएम --------- 760 --- 741 ---------73 --- 71
4 मिलिट्री अस्पताल--- 50 --- 50 ------------8 --- 8
5 रेलवे अस्पताल ---- 51 --- 51 ------------5 ---5
6 पावटा अस्पताल -----8 --- 8 ------------ 0 --- 0
7 बोरानाडा--------- 172 ---52 --------- 0 --- 0
8 2सी वेलनेस सेंटर - 12 --- 6 --------- 3 ---3
9 चंद्रा मंगल ------ 30 ---22 --------- 2 --- 1
10 डऊकिया ------ 25 --- 25 --------- 4 --- 4
11 कमला नगर --- 54 --- 54 --------- 3 --- 3
12 राठी अस्पताल--- 30 --- 29 ---------2 ---2
13 मुकुंदम ------ 10 ---5 ------------ 0--- 0
14 मारवाड़ हॉस्पीटल- 47 ---47 ---------2 ---2
15 मेडिसिटी ------15 --- 15 ---------2 --- 1
16 मेडिपल्स ------100 ---100 ------ 22 ---22
17 राजदादीसा ---112 --- 111 ---------11 ---11
18 श्रीराम अस्पताल- 46 --- 46 --------- 4 --- 4
19 श्रीराम बनाड़ ---36 ---36 --------- 2 ---2
20श्रीराम महामंदिर--- 24 ---24 --------- 3 ---3
21 वसुधंरा ------ 43 ---43 --------- 10 ---10
22 यश अमन ----- 49 --- 49 ---------3 --- 3
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24 घण्टे में 51 टन ऑक्सीजन पहुंची
शहर के अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति के प्रयास जोर-शोर से किए जा रहे हैं। पिछले चौबीस घण्टे के दौरान तीन टैंकर ऑक्सीजन यानी करीब 51 टन लिक्विड गैस पहुंच गई। इसमें से करीब 15 टन ऑक्सीजन बाड़मेर के पचपदरा भेजी गई। वायुसेना के मालवाहन विमान सी-17 द्वारा एयरलिफ्ट करके जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी भेजे गए दो टैंकर बुधवार को आ गए जो बीस-बीस टन के थे। इसके अलावा भिवाड़ी से 11 टन ऑक्सीजन लेकर एक और टैंकर आया। जेडीए के सीआई अमरसिंह रतनू और प्रवर्तन अधिकारी प्रवीण गहलोत की देखरेख में एम्स, एमडीएम अस्पताल, एमजीएच में ऑक्सीजन देने के बाद स्टोरेज के तौर पर भी रखवा दी गई है।
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पत्रिका व्यू
अस्पतालों में बेड की स्थिति बताने का उद्देश्य यह है कि सरकार और चिकित्साकर्मी किस तरह से इस बीमारी से जूझ रहे हैं। घरों से बेवजह बाहर निकलकर जनता, जनता को संक्रमित कर रही है। अस्पताल पहुंचने पर आपको बेड बमुश्किल मिलेगा। बहुत भाग दौड़ करनी पड़ सकती है। नेताओं-अफसरों से एप्रोच के बाद भी जरुरी नहीं है कि अस्पताल में बेड मिल जाए। हो सकता है कि आपको ऑक्सीजन के एक सिलेण्डर के लिए दिन-रात एक करना पड़े। अच्छा है कि घरों में ही रहें और संक्रमण चैन को तोडऩे में सबकी सहायता करें।
Published on:
06 May 2021 08:41 pm
