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वैदिक जीवन पद्धति ही संस्कार जीवित रख सकती है

आर्थिक से अधिक हमारे सांस्कृतिक विनाश को लक्ष्य किया
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वैदिक जीवन पद्धति ही संस्कार जीवित रख सकती है

वैदिक जीवन पद्धति ही संस्कार जीवित रख सकती है

जोधपुर. सेवा अहर्निश फाउंडेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता आचार्य अजय नारायण ने बुधवार को शहर में युवाओं के साथ संवाद किया। उन्होने कहा कि पूर्व काल मे जब हमारा देश सारे संसार में विश्वगुरु के परम सम्मानित पद पर प्रतिष्ठित होकर सारे संसार को नैतिक सामाजिक पारिवारिक जीवन शैली के सर्वोत्तम विधि से परिचित कराके शोभायमान हो रहा था। तब इसके मूल में हमारी सनातनी वेद विहित शिक्षा संस्कार ओर संस्कृति ही थी। जिनका कालांतर में देश पर होने वाले विभिन्न विदेशी आक्रांताओं के द्वारा सतत विनाश किया गया। उन्होने कहा कि आर्थिक से अधिक हमारे सांस्कृतिक विनाश को लक्ष्य किया जिसमें अधिकतम अंग्रेजी शासन में हुआ। एक घनघोर षडय़न्त्र के द्वारा अंग्रेजों ने हमारी सनातन परंपरा को अवमूलन करके अपनी अतार्किक अनुचित अनावश्यक परम्परा का महिमा मंडन करके देश मे यह व्याप कर दिया की सनातन परंपरा पिछड़ेपन की पहचान है। अंग्रेजी की अनावश्यक ओर केवल दिखावटी और बनावटी परम्परा बड़ी आधुनिक है। जबकि आदिकाल से लेकर आजतक यह सर्वसिद्ध है की ऐसी वैज्ञानिक तार्किक और कल्याणकारी संस्कृति न थी न है न होगी।

योगिता खींची को पर्यवेक्षण मनोनीत किया

जोधपुर. महिला व बाल विकास विभाग ने राज्य बालिका नीति एंव बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के क्रियान्वयन व पर्यवेक्षण के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स में योगिता खींची को मनोनीत किया।

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