जोधपुर हादसा : फिर बिल्डिंग गिरने से मच सकती है चीख-पुकार खतरा टला नहीं, दो इमारतों को खाली करने के आदेश

हादसे के बाद परिवार सड़क पर टेंट लगा बिखरे आसरे से खोज रहे है सामान

By: Jitendra Singh Rathore

Published: 24 May 2018, 05:14 PM IST


जोधपुर . शहर में सरदारपुरा बी रोड पर तीन मंजिला इमारत ढहने वाले हादसे ने निगम की पोल खोल कर रख दी है।
बेसमेंट की खुदाई के कारण जमींदोज हुए भवन की घटना के बाद अभी भी खतरा टला नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से इस भूखंड के पास के भवनों को भी निगम ने खाली करने के नोटिस जारी कर दिए। पास स्थित दुकान मालिक ओमप्रकाश, उसके किराएदार राधेश्याम और भवन मालिक चंद्रकांत को सुरक्षा की दृष्टि से नोटिस जारी किए हैं। उन्हें जल्द से जल्द भवन खाली कर अन्यत्र शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं। हादसा स्थल के पास कई जगह चल रही बेसमेंट की खुदाई जिस क्षेत्र में हादसा हुआ वहां कई स्थानों पर बेसमेंट की खुदाई का काम चल रहा है। इनमें एक जगह तो हादसा स्थल से महज 100 मीटर की दूरी पर है। बड़ी बात तो यह है कि निगम में संबंधित अधिकारियों तक को नहीं पता कि अनुमति जारी की हुई है या नहीं। वहीं शहर विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों भवन निर्माण अनुमति के लिए आई फाइलों में 20 को बेसमेंट बनाने की परमिशन जारी हुई है। इसके अलावा भी कई बेसमेंट पर अवैध खुदाई चल रही हैं।

अब चेता निगम
महापौर घनश्याम ओझा ने शहर, सूरसागर व सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र के सभी वार्ड प्रभारी, अतिक्रमण प्रभारी व जेईएन को उनके क्षेत्र में हो रहे निर्माण की जांच करने के आदेश दिए हैं। महापौर ने अवैध निर्माण को तुरंत बंद करवाने व बेसमेंट में चल रहे निर्माण कार्य की सुरक्षा जांचने के सख्त निर्देश दिए।

निगम ने मांगे दस्तावेज

निगम ने मंगलवार को ढही इमारत के पास निर्माण कार्य करवाने वाले भाजपा नेता पवन वैष्णव को नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे हैं। निगम ने जल्द से जल्द भवन निर्माण अनुमति व बेसमेंट की खुदाई की परमिशन के दस्तावेज पेश करने के आदेश जारी किए।
10 भवन सीज, 70 से ज्यादा नोटिस

शहर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में करीब 10 भवन अवैध निर्माण के चलते सीज हैं। 70 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं। अवैध निर्माण की शिकायतें सम्पर्क पोर्टल पर भी हैं। उन शिकायतों व वार्ड प्रभारी, सीएसआई की रिपोर्ट पर नोटिस जारी हुए हैं।

निगम नहीं कर रहा दस्तावेज ऑनलाइन

निगम में सभी दस्तावेज ऑनलाइन करने की लम्बे समय से मांग चल रही है, लेकिन निगम दस्तावेजों को ऑनलाइन नहीं कर रहा। अगर दस्तावेज ऑनलाइन हो तो हर भवन का रिकॉर्ड हाथों हाथ मिल जाएगा। ऐसे में अवैध निर्माण व निर्माण अनुमति आदि की जानकारी सभी को होगी। वर्तमान में बेखौफ निर्माण हो रहे हैं।

Jitendra Singh Rathore
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